02kk4कैनबरा, 2 मार्च. जाइंट किलर आयरलैंड टीम कल विश्व कप के मुकाबले में यहां दक्षिण अफ्रीका से खेलेगी तो उसके सामने एबी डिविलियर्स के बल्ले पर अंकुश लगाने की बड़ी चुनौती होगी जो दमदार टीमों के लिए भी टेढी खीर साबित हुआ है.
तूफानी रफ्तार से रन उगल रहे डिविलियर्स के बल्ले को बांधकर रखने की हर रणनीति नाकाम साबित होती आई है. वह विरोधी गेंदबाजी पर न सिर्फ दबाव बनाते हैं बल्कि उसका मनोबल भी तोड़ देते हैं. इसका अनुभव वेस्टइंडीज को पिछले मैच में हुआ जब दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने पेट की गड़बड़ के बावजूद 66 गेंद में 17 चौकों और आठ छक्कों की मदद से 162 रन बना डाले थे. दक्षिण अफ्रीका ने वह मैच 257 रन से जीता.

डिविलियर्स ने जनवरी में इसी टीम के खिलाफ सिर्फ 31 गेंदों में वनडे क्रिकेट का सबसे तेज शतक जमाया था जिसके बाद आस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट ने उन्हें धरती का सबसे कीमती क्रिकेटर कहा था. एक सप्ताह पहले भारत के हाथों 130 रन से पराजय झेल चुकी दक्षिण अफ्रीकी टीम को डिविलियर्स से एक बार और ऐसी ही पारी की उम्मीद है.

दूसरी ओर वेस्टइंडीज के पूर्व कोच फिल सिमंस के मार्गदर्शन में खेल रही आयरलैंड टीम ने पहले दो मैच जीतकर सभी को चौका दिया है. आयरलैंड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 305 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 25 गेंद और चार विकेट बाकी रहते जीत दर्ज की थी. पाल स्टर्लिंग, एड जायस और नील ओ ब्रायन ने उस मैच में अर्धशतक बनाये थे.

अगले मैच में उसने संयुक्त अरब-अमीरात को नौ विकेट से हराया. यदि किस्मत ने साथ दिया तो बाकी चार मैचों में से एक जीतने पर भी वह क्वार्टर फाइनल में पहुंच सकता है. पिछले रिकॉर्ड के आधार पर दक्षिण अफ्रीका का पलड़ा भारी है. आयरलैंड अभी तक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीनों वनडे हार चुका है. आखिरी बार उनका सामना 2011 विश्व कप में कोलकाता में हुआ था जिसमें दक्षिण अफ्रीका 131 रन से विजयी रहा.दक्षिण अफ्रीका के लिए एकमात्र चिंता तेज गेंदबाज डेल स्टेन का खराब फार्म होगी जिन्होंने पहले तीन मैच में सिर्फ तीन विकेट लिए हैं. लेग स्पिनर इमरान ताहिर ने अभी तक अच्छा प्रदर्शन करते हुए नौ विकेट चटकाए हैं.

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