27surendra singhभोपाल,   डीजीपी सुरेंद्र सिंह ने आज सभी महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को एक परिपत्र जारी कर एसिड अटैक के मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं.

इस परिपत्र में डीजीपी ने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि ऐसे समस्त प्रकरणों को गंभीरता से लिया जाए और प्रकरणों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो, ताकि आरोपी को जल्द से जल्द सजा मिल सके. उन्होंने बताया है कि नई धाराओं के तहत तेजाब द्वारा किए गए हमले से यदि पीडि़त को स्थायी या आंशिक नुकसान पहुंचता है तो अपराधी को कम से कम दस वर्ष की सजा और अर्थदण्ड लगाया जाएगा. अर्थदण्ड से प्राप्त राशि का उपयोग पीडि़त के उपचार के लिए होगा. कोई व्यक्ति किसी पर एसिड अटैक का प्रयास करता है तो इसके लिए आरोपी को कम से कम पांच साल से लेकर सात साल तक की सजा होगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा.

सिंह ने कहा है कि इन प्रकरणों की सूचना मिलते ही पीडि़ता का तत्काल मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा. पुलिस ऐसे अपराधियों की गिरफ्तारी तत्काल सुनिश्चित करेगी, ताकि वह अग्रिम जमानत का लाभ न उठा पाए. पुलिस अपनी विवेचना में इन तथ्यों पर ध्यान देगी कि प्रतिबंधित होने के बाद भी आरोपी ने एसिड कहां से प्राप्त किया.

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