26nn8भोपाल, 26 अप्रैल. ब्राम्हणिकल सोशल आर्डर द्वारा अधर्म के आधार पर निर्मित अमानवीय व्यवस्था और असभ्यता को चेंज कर और उसके बदले में नये सिद्घांतों और मूल्यों के आधार पर नई व्यवस्था और सभ्यता कैसे बनाई जाये.

इस बात की खोज भारत के इतिहास में अगर किसी एक बुद्घिजीवी ने की हो जिसने दुनिया के तमाम दुखों, समस्याओं के निराकरण का मार्ग ढूंढ़ा हो और उससे भी आगे जाकर एक नई दुनिया बनाने के लिये एक मार्ग दिया हो तो वे महान बु.िजीवी एवं महान मानवतावादी क्रांतिकारी डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर थे.

डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर ही एकमात्र महान मानवतावादी क्रांतिकारी हैं जिन्होंने अंबेडकेरिज्म जैसी मानवतावाद की नई क्रांतिकारी विचारधारा दी जिससे भारत को ही प्रबुद्घ राष्टï्र नहीं अपिता विश्व को भी प्रबुद्घ विश्व बनाया जा सकता है. इसलिये डॉ. अंबेडकर जयंती का उत्सव देश एवं दुनिया का सबसे बड़ा उत्सव होना चाहिये. उक्ताशय की बात आज यहां टीटी नगर दशहरा मैदान में वक्ताओं ने कही. टीटी नगर दशहरा मैदान में सम्मेलन में वक्ताओं में आईएएस रमेश थेटे सहित अनेक आमंत्रितगण शामिल हुये.

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