अरुणाचल के टूटिंग में रोड विवाद भी सुलझा

नई दिल्ली,

आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश के टूटिंग में चीन से रोड बनाने का विवाद सुलझा लिया गया है. उन्होंने साथ ही डोकलाम मुद्दे पर कहा कि चीनी इलाके में सैनिकों की संख्या में भारी कमी आई है.

बता दें कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाके टूटिंग में घुसकर करीब एक किलोमीटर सड़क बनाने की कोशिश की थी. अरुणाचल प्रदेश के सियांग क्षेत्र में टूटिंग में भारतीय सुरक्षाकर्मियों ने जब चीनी लोगों को कंस्ट्रक्शन का काम रोकने के लिए कहा, तब चीनियों ने कहा कि हम अपने इलाके में यह काम कर रहे हैं.

भारतीय सुरक्षाकर्मियों ने जब सबूत पेश किए तो वे वापस चले गए. चीनी चले तो गए, लेकिन अपने साथ लाई गई खुदाई की दो मशीनें रहस्यमय ढंग से भारतीय इलाके में ही छोड़ गए. भारत ने चीनी पक्ष को संदेश भेजा है कि वे अपनी मशीनें ले जाएं.

आर्मी चीफ ने सोमवार को यहां आर्मी टेक्नॉलजी सेमिनार के दौरान अलग से कहा कि टूटिंग का मामला सुलझा लिया गया है. उसके बाद चीन के साथ बॉर्डर पोस्ट मीटिंग हुई थी. सूत्रों का कहना है कि मीटिंग दो दिन पहले हुई, जिसके बाद चीनी अपनी मशीनें भी वापस ले गए.

एलएसी पर अब चीन बना रहा है स्थायी ढांचे

भारत के साथ 4,057 किलोमीटर लंबी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीनी सेना के अतिक्रमण के तरीकों में एक बड़ा बदलाव दिख रहा है. पहले चीनी सेना एलएसी के नजदीक अस्थायी ढांचे बनाती थी या भारत की ओर से बनाए गए अस्थायी ढांचों को नष्ट करती थी, लेकिन अब वह स्थायी ढांचे बनाने की कोशिश कर रही है.

दुर्गम क्षेत्रों में लड़े जायेंगे भविष्य के युद्ध

सशस्त्र सेनाओं के आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने आज कहा कि भविष्य की लड़ाईयां दुर्गम क्षेत्रों में लड़ी जायेंगी. जनरल रावत ने यहां सैन्य प्रौद्योगिकी के बारे में एक सेमीनार में कहा कि सशस्त्र सेनाओं के हर क्षेत्र में आधुनिकीकरण की अत्यधिक जरूरत है क्योंकि भविष्य की लड़ाईयां बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों और दुर्गम क्षेत्रों में लड़ी जायेंगी और हमें उनके लिए तैयार रहना है.

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