chennaiचेन्नई, तमिलनाडु के चेन्नई में भले ही भारी बारिश का कहर थम गया हो और जिंदगी एक बार फिर पटरी पर लौटने लगी हो लेकिन यहां रहने वालों विशेष रूप से बाहरी इलाकों और इसके सीमावर्ती जिलों कांचीपुरम और तिरुवल्लूर में लगभग सभी इलाकों में बाढ़ का पानी घुस जाने से लोगों की दिक्कतें अब भी बनी हुई हैं।

चेन्नई शहर में कुछ इलाकों को छोड़ ज्यादातर इलाकों में घरों में घुसा पानी निकल गया है और यहां जनजीवन भी धीरे -धीरे सामान्य होने लगा है लेकिन भारी बारिश के कारण सड़कों को जबरदस्त नुकसान हुआ है। शहर में पिछले दो दिनों से कई इलाकों की बिजली भी काट दी गयी थी जिसे आज सुबह पुन: बहाल कर दिया गया। विलिवक्कम जैसे इलाकों में भरे पानी को निकालने की मांग को लेकर लोगों ने सड़क रोको प्रदर्शन किये ।

दो दिन तक जारी रहा भारी बारिश का प्रकोप आखिरकार कम दबाव के क्षेत्र के दक्षिणी आंध्र तट की ओर खिसक जाने के बाद कल शाम से कुछ कम हुआ है लेकिन इस भारी बारिश ने तमिलनाडु में बड़ा तांडव मचाया यहां जलाशयों और झीलों का पानी किनारों को तोड़ता हुआ रिहायशी इलाकों में घुस गया और इससे लोगों की दिक्कतें काफी अधिक बढ़ गयीं।
चेन्नई के उपनगरीय इलाकों तारामणि, वेलाचेरी, मडिपक्कम, मुदिचूर और उत्तरी हिस्सा मुख्य शहर से कटा रहा। पानी के कारण इन इलाकों के लोग लगातार तीसरे दिन भी अपने घरों से बाहर नहीं निकल पाये और प्रशासन को यहां फंसे लोगों के लिए खाने के पैकेट और पीने का पानी हेलिकाॅप्टर की मदद से गिराने पड़े।

कांचीपुरम जिले के मुदिचूर में जिन लोगों के घर बाढ के पानी में समा गये और बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए जिला प्रशासन को नावों का इस्तेमाल करना पडा। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश से ज्यादा जलाशयों का पानी किनारों को तोड़ कर बाहर आने से बाढ़ के गंभीर हालात पैदा हुए।
जिलाधिकारी गजलक्ष्मी ने बताया कि राहत एवं बचावकार्य जारी हैं और इलाकों में भरे बाढ़ के पानी को बाहर निकालने में कम से कम एक से दो दिन का समय और लगेगा।

मुख्यमंत्री जे जयललिता की अध्यक्षता में गठित भारतीय प्रशासनिक सेवकों का एक दल लगातार बचावकार्यों पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि बाढ प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालने के काम में लगभग 400 बचावकर्मी लगाये गये हैं और इन इलाकों में हालात जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए हर संभव उपाय किये जा रहे हैं।

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