mp1बैरसिया,  बैरसिया से 8 किमी दूर क्षेत्र का प्रसिद्ध माँ हरसिद्धि के मंदिर में भी नौ रात्रि की तैयारियां पूरी हो चुकी है.

मंदिर के पुजारी गुलाब गिर महाराज ने बताया की माँ हरसिद्धि के मंदिर पूुरे भारत में तीन स्थानों पर ही है.े जहाँ पर माँ हरसिद्धि की पूजन होती है. बताया जाता है कि माँ हरसिद्धि के धड़ की पूजन तरावली मंदिर में भक्त करते है वही उज्जैन नगरी में माँ हरसिद्धि के सिर की पूजन की जाती है,े तो माता के चरण काशी में भक्तों द्वारा पूजे जाते है. पुजारी ने बताया की इसके पीछे भी शास्त्रों में एक प्राचीन कहानी है,े जिसे राजा वीर विक्रामादित्य की भक्ति के कारण माँ हरसिद्धि का शरीर तीन भागों में बंटा भक्तों में पूजा जा रहा है.

जहां तरावली में नवरात्र में मध्य प्रदेश के सत्ताधारी नेता भक्तों से लगाकर आम जन भी नवरात्र में माँ के दरबार में आ दर्शनों को विवश रहते है. नवरात्र में आने वाले भारी जनसैलाब भक्तों की पानी, रात्री विश्राम व दर्शनों की तमाम व्यवस्थाओ की जिम्मेदारी मंदिर ट्रस्ट द्वारा क्षेत्र की धार्मिक व सामाजिक संस्थाओ के हाथों ंअलग अलग ड्यूटी लगाकर करने की लगा रखी है. जहां पर शुरुआत में ही प्रतिदिन 5 हजार से 10 हजार भक्तों के दर्शन करने का अनुमान बताया गया है.

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