नामांतरण के हजारों प्रकरण अटके, पक्षकारों की नहीं हो सकी सुनवाई

नवभारत न्यूज भोपाल, तहसीलदार,

नायब तहसीलदार एवं पटवारियों के तीन दिन की हड़ताल पर जाने से प्रदेश भर में करीब 3000 नामांतरण के प्रकरण अटक गये हैं और पेशियां भी आगे बढ़ा दी गईं हैं.

आलम यह रहा कि तहसील और सर्किल कार्यालय में दूसरे दिन भी नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के लिये पेशी पर पहुंचे लोग भटकते रहे और उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा. तहसील कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा.

इसलिए कर रहे हड़ताल

ज्ञात हो कि अविवादित नामांतरण के निराकरण तीन माह में न करने पर तहसीलदार या नायब तहसीलदार पर एक लाख रुपये के जुर्माने की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की गई थी. इस घोषणा को पूरा करने के लिये शासन ने एक आदेश जारी किया था. इसी आदेश को वापस लेने की मांग को लेकर सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार तीन दिन के सामूहिक अवकाश पर चले गये हैं.

वार्ता का रास्ता रखें

मुख्य सचिव बसंत प्रताप ङ्क्षसह ने बुधवार को नर्मदापुरम संभाग के अफसरों की बैठक में रेवेन्यू के पेंङ्क्षडग मामलों की समीक्षा की. इस बैठक में डायवर्सन और आरसीएमएस के मामलों में खासतौर पर चर्चा की. इस बैठक में मुख्य सचिव ङ्क्षसह ने कहा कि तहसीलदार आंदोलन करने की जगह बातचीत का रास्ता खुला रखें.

भटकते रहे लोग

तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं राजस्व निरीक्षकों के छुट्टी पर चले जाने के चलते बुधवार को बैरसिया तहसील में सन्नाटा पसरा रहा. आय मूल निवास, जन्म, मृत्यु, खसरा, सीमांकन सहित तहसील में कोर्ट केस की भी सुनवाई नहीं हो सकी. हालांकि कोर्ट में तय पेशीयों को पहले ही आगे बढ़ा दिया गया था. फिर भी बुधवार को ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 400 लोग अपने कामों को लेकर परेशान हुए. जबकि गुरुवार तक हड़ताल रहेगी.

कल से लौट आएंगे काम पर

सभी तहसीलदार 12 जनवरी से काम पर लौट आयेंगे. इससे पहले वे एकत्रित होकर सरकार द्वारा निकाले गये आदेश पर उच्च अधिकारियों से चर्चा करेंगे. चर्चा के बाद जो हल निकलेगा उसकी समीक्षा कर आगे की रणनीति तैयार की जायेगी. भोपाल सहित अन्य जिलों के तहसीलदार भी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तीन दिन की हड़ताल में शामिल हुये हैं.

सभी एकत्रित होकर सरकार से चर्चा करेंगे और 12 जनवरी से काम पर लौट आयेंगे. हमारा हड़ताल का इरादा नहीं है. केवल आदेश के विरोध स्वरूप यह हड़ताल की गई है.
पंकज नयन तिवारी, प्रांतीय सचिव, राजस्व अधिकारी संघ

अविवादित नामांतरण को पहले से लोक सेवा गांरटी में लिया गया है. जिसके तहित रोजाना के हिसाब से जुर्माना किया जाता है. ऐसे में दो तरफ का जुर्माना लगाना ठीक नहीं है. यह आदेश वापिस होना चाहिये.
सन्तोष मुदगल, तहसीलदार

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