vid1काबुल,  11 साल के एक अफगानिस्तानी लड़के की बहादुरी की गाथा दुनिया भर में चर्चित हुई है. तालिबानी आतंकियों ने इस लड़के की इसी हफ्ते हत्या कर दी. वासिल अहमद ने एक पुलिस यूनिट का 43 दिनों के लिए कमांड किया था.

तालिबानी आतंकियों ने 71 दिनों तक इस इलाके में कब्जा कर रखा था. पिछले साल तालिबानियों को इस संघर्ष के दौरान पीछे हटना पड़ा था. इस वाकये को अफगान में खास उर्जगन प्रांत के लोकल पुलिस कमांडर और वासिल के चाचा मुल्ला समद सिलसिलेवार ढंग के बताते हैं. मोटरबाइक पर सवार बंदूकधारियों ने सोमवार को त्रायन कोट बाजार में उस लड़के के सिर में गोलियां दागीं. इसके बाद वासिल को लोकल हॉस्पिटल में भर्ती किया गया. बढयि़ा इलाज के लिए फिर उसे कांधार में शिफ्ट किया गया. यहां उस लड़के को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. तालिबान ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है. वासिल अभी ही सामान्य
नागरिक जीवन में लौटा था. पिछले साल ही त्रायन कोट में वासिल का स्कूल में ऐडिमिशन कराया गया था.

लड़के के चाचा समद ने बताया कि कम उम्र के बाद भी वासिल को युद्ध के मैदान में भेजा गया. उन्होंने कहा कि नैशनल और इंटरनैशनल स्तर प्रतिबंध के बावजूद उसने ऐसा करने का फैसला किया था. समद ने कहा कि वासिल के पिता की मौत भी तालिबानियों के साथ संघर्ष में हुई थी. एक साल पहले वासिल ने पूछा था कि मशीन गन का इस्तेमाल कैसे किया जाता है.

Related Posts: