बारिश से मौसम में घुली ठंडक, कई क्षेत्रों में रही बिजली गुल, किसान हुए चिन्तित

नवभारत न्यूज ग्वालियर

गुरूवार की सुबह का आगाज बारिश की बूदों के साथ हुआ. सुबह करीब 5.30 बजे से हल्की बूंदा-बांदी हुई, इसके बाद थोड़ी तेज पानी भी आया. 1 घण्टे पानी पडऩे से तापमान में तेजी से गिरावट देखने को मिली है.

धूप भी ज्यादा तेज नही निकली है. इससे मौसम में ठंडक आ गई है. दक्षिण पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपरी भाग में हवा का एक चक्रवाती घेरा बना हुआ है, जिस कारण गुरूवार सुबह से पहले बीती शाम 6 बजे से 7.30 बजे के बीच तेज हवा के चलते आई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली थी. बारिश बंद होते ही ठंडी हवाएं चलने से मौसम खुशनुमा हो गया. मौसम विभाग अनुसार सुबह शहर में 8.6 एमएम बारिश दर्ज की गई.

अप्रैल में दो बार हुई बारिश- अप्रैल माह में अभी तक दो दिन बारिश हो चुकी है, इससे पहले 6 अप्रैल को शहर में बारिश हुई थी. उस दिन 2.3 एमएम और बुधवार सुबह और शाम को बारिश हुई.

कुछ क्षेत्रों में गई बिजली- बारिश और तेज हवा के चलते शहर में सुबह और शाम को कुछ क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई. गोले का मंदिर से लेकर पिंटो पार्क, हजीरा, किलागेट, शिंदे की छावनी सहित कई क्षेत्रों में सुबह लाइट जाने से लोगों को काफी पानी भरने में परेशानी का सामना करना पड़ा.

चौबीस घंटे छाए रहेंगे बादल- मौसम वैज्ञानिक सुनील कुमार गोधा ने बताया कि अगले चौबीस घंटे धूल भरी हवाओं के साथ हल्के बादल छाए रहेंगे.

गेहूं पर पड़ेगा असर

बारिश से ज्यादा नुकसान गेहूं को होगा. खेत में खड़ा गेंहू गिर सकता है. वहीं कई जगह खुले में काट कर रखा गेहूं भीग जाएगा. बताना होगा कि मसूर, अरहर, चना को काट लिया है, इससे केवल गेहूं पर ही ज्यादा असर पड़ेगा. इस बेमौसम बरसात से अंचल में गेहूं की फसल को अब नुकसान होने लगा है.

इसमें अधिकांश गेहूं की पिछेती फसल शामिल है. ग्वालियर के साथ मुरैना और श्योपुर जिलों में पकी फसल के आंधी के कारण खेतों में लेट जाने से खराब होने और बारिश के कारण खेत-खलिहान में रखी फसल में दाना काला पडऩे से नुकसान होने लगा है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं.

आंधी, तूफान और बून्दाबांदी से किसान चिन्तित

सतना. विन्ध्य क्षेत्र के सभी जिला एवं अंचल में विगत एक हफ्ते आशमान में बादलों की धमाचौकड़ी आंधी, तूफान एवं बून्दाबांदी होने से किसान बेहद चिन्तित है. क्योंकि किसानों की फसल खास कर गेंहू की फसल या तो खेत में खड़ी है या खलियान में पड़ी है.

ज्यादा बारिश होने पर पर फसल के पूरी तरह से बर्बाद होने का खतरा है. वहीं जिन किसानों ने कटाई और गहाई कर लिया है वह सरकारी खरीदी केन्द्र में खरीदी शुरु न होने से परेशान है. और व्यापारियों को औने-पौने दामों में कृषि उपज बेचने को मजबूर है.

मौसम ने बदली करवट

सागर. मौसम ने करवट बदलते हुए आज तापमान सामान्य रहा है। मगर दिन भर बादलों की आवाजाही लगी रही। वहीं रूक रूककर बूंदाबांदी का दौर भी चलता रहा। भीषण गर्मी के बीच आज दोपहर में आसमान में हल्के बादल छाए और करीब तीन बजे हल्की रिमझिम बारिश हुई।

शहर में जहां बूंदाबांदी हो रही थी तो वही विवि क्षेत्र में करीब दस मिनिट तक रिमझिम बारिश हुई। जिससे सडके पूरी तरह भीग गई। दोपहर बाद शाम तक एक बार फिर तेज धूप निकली रही लेकिन हवा में वैसा तीखापन नही था। शाम करीब छह बजे पुन: आकाश में बादल छा गए और बूदाबांदी शुरू हो गई। जो करीब दस मिनिट तक रूक रूककर होती रही।

बारिश के बाद गर्मी से लोग बेहाल

टीकमगढ़. बीती रात लगभग 7 बजे के आसपास तूफानी हवाओं के साथ जमकर बारिश हुई लगभग बीस मिनिट इसके बाद फिर भरी गर्मी जिसने लोगो को किया बेहाल। रात को कई बार विद्युत सप्लाई हुई बंद।

बीती रात तेज हवाओं के साथ बरसे पानी के कारण जहां सडक़ो पर पानी भरा हुआ था वही लोगो के कपड़े और हल्का सामान हवा में उड़ा गया और छतों से इधर उधर पड़े हुये थे सडक़ के किनारे लगे होॢडंग भी फटकर टूट गये। साथ ही मऊचुंगी के पास विद्युत बॉयर भी टूट गया जिसके कारण मऊचुंगी तरफ लगभग दो घंटे तक विद्युत सप्लाई बंद रही। और बीच-बीच में पूरे शहर की विद्युत सप्लाई कई बार बंद हुई।

तेज हवाओं के चलने के कारण लोग यह समझ नही पा रहे थे कि यह तूफानी हवा और बारिश अचानक कहां से आ गई। बृहस्पतिवार को आसमान में बादल छाये रहे और लगभग 4 बजे के बाद फिर तेज हवायें चली और हल्की फुल्की बारिश भी प्रारंभ हो गई।

यह सिलसिला तेज हवा पानी बरसने का सिलसिला लगभग शायं 6 बजे तक रूक-रूक बारिश होती रही। जिला स्तरीय मौसम विभाग के अनुसार बताया गया कि यह मौसम लगभग एक हफ्ते तक इसी तरह का चलेगा कुछ किसानों द्वारा भी जमीन को जोता गया है।

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