pranabराष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने न्यायपालिका के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा है कि अदालतों में मुकदमों के बढ़ रहे बोझ और उसके निस्तारण के लिए जजों के खाली पड़े पदों को शीघ्रता से भरा जाना नितांत जरूरी है. श्री मुखर्जी ने रविवार को यहां इलाहाबाद उच्च न्यायालय की 150वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह मे कहा कि गत एक मार्च तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में 1056 पदों के सापेक्ष 591 जज ही काम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि जजों के रिक्त पड़े पदों को भरा जाना जनता के हित में है. राष्ट्रपति ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय में 160 जजों के पद स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान में 71 जज ही कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि संविधान के तीनों अंगों का अपना अलग रोल है और इसके अच्छे संपादन के लिए किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए. श्री मुखर्जी ने कहा कि उच्च न्यायालयों के अलावा निचली अदालतों में भी न्यायिक अधिकारियों के हजारों की संख्या में पद रिक्त हैं जिन्हें भरा जाना चाहिए ताकि देश में कानून का शासन व न्याय पालिका के प्रति लोगों की आस्था बरकरार रहे.