bhagwatलखनऊ,   देश में ‘भारत माता की जय’ बोलने और बुलवाने से उठे विवादों के बीच आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने अचानक यू-टर्न ले लिया.
भागवत ने कहा, ‘भारत माता की जय बोलना किसी पर थोपें नहीं, बल्कि कार्यकर्ता ऐसे आर्दश कार्य करें कि उन्हें देखकर लोग खुद भारत माता की जय बोलें.’

कयास लगाया जा रहा है कि संघ प्रमुख के बयान में यह बदलाव तब आया है, जब सहयोगी शिवसेना ने सवाल उठा दिया कि बीजेपी पीडीपी से गठबंधन कर सरकार बनाने जा रही है, क्या महबूबा मुफ्ती मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले क्या ‘भारत माता की जय बोलेंगी?’

लखनऊ में भागवत ने रज्जू भैय्या स्मृति भवन के उद्घाटन के दौरान कार्यकर्ताओं
को संबोधित करते हुए कहा कि हालांकि उन्होंने कोलकाता में कहा था कि वह
चाहते हैं कि पूरा विश्व भारत माता की जय बोले, लेकिन अब उन्हें लगता है कि यह किसी पर थोपा नहीं जाना चाहिए.

संघ प्रमुख भागवत ने बयान दिया था कि नई पीढ़ी को भारत माता की जय का नारा लगाने के लिए सिखाया जाना चाहिए. इसका जवाब देते हुए एमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि अगर भागवत उनके गले पर चाकू भी रख कर बुलवाएंगे तब भी वह भारत माता की जय का नारा नहीं लगााएंगे.

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