इन दिनों देश के दो बड़े राज्य पश्चिम बंगाल व बिहार सांप्रदायिक हिंसा में झुलस रहे हैं. अभी इन दिनों राज्यों के विधानसभा चुनाव तो नहीं होने जा रहे हैं लेकिन 2019 के प्रारंभ में लोकसभा चुनाव यहां भी होंगे. पश्चिम बंगाल में तीन चरणों पंचायत चुनाव मई में होने जा रहे हैं और अप्रैल माह में उनके लिये नामांकन प्रारंभ हो गये हैं.

इस दंगों के साथ कुछ ऐसी घटनाएं भी हो गयी हैं जो देश में सांप्रदायिक या राजनैतिक वातावरण को उग्र व हिंसक बना सकती है. इलाहाबाद में डाक्टर अंबेडकर की मूर्ति तोड़ दी गयी. गुजरात भावनगर जिले के टिंबी गांव में एक दलित युवक द्वारा घोड़ी रखने पर उसकी हत्या कर दी गयी. कथित ऊंची जात के लोग दलित वर्ग द्वारा घोड़ा रखने या घोड़े पर बारात निकालने पर उनके प्रति हिंसक हो जाते हैं. उन्हें इनका घोड़े पर चढऩा अपमान लगता है.

बिहार में 17 मार्च को नवादा में मूर्ति तोडऩे पर दो विभिन्न संप्रदायों के लोग आमने-सामने आ गये और सांप्रदायों में दंगा भडक़ गया. दुकानों, मकानों की आगजनी, वाहनों की तोड़-फोड़, राची-पटना हाईवे पर जाम करने जैसी वारदातें हो गयीं. कई लोग गिरफ्तार किये जा चुके है और हिंसा के अपराध में मुकदमे दर्ज हो गये.

देखते ही देखते सांप्रदायिक हिंसा बिहार के 8 जिले औरंगाबाद, समस्तीपुर, भागलपुर, अटरिया, मुंगेर, नालंदा सिवान, नवादा में फैल गयी है. केंद्रीय मंत्री श्री अश्वनी चौबे के बेटे अरजीत को भागलपुर में दंगा भडक़ाने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया है. औरंगाबाद में रामनवमी के जुलूस पर पथराव होने से स्थिति हिंसक हो गयी. समस्तीपुर में दुर्गा पूजा के समय पर दंगा भडक़ा.

पश्चिम बंगाल में रानीगंज और आसनसोल में रामनवमी के दिन जुलूस पर हमला होने से सांप्रदायिक दंगे फैल गये. आसनसोल में दोनों तरफ से भारी मारकाट और आगजनी की गयी. लोगों के घर जला दिये गये. लोग राहत शिविरों में शरण लिये हुए हैं.

पश्चिम बंगाल में राजनैतिक स्तर पर भी अजीबो गरीब घटनाएं प्रशासन की तरफ से की जा चुकी है. राज्य के भाजपा लोकसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री श्री बाबुल सुप्रियो को प्रभावित क्षेत्र में जाने से रोका गया और उनकी जिदबाजी करने पर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज हो गयी.

राज्य सरकार ने राज्य के राज्यपाल श्री केशरीनाथ त्रिपाठी को भी दंगाग्रस्त क्षेत्रों में जाने से मना कर दिया और कारण उनकी सुरक्षा को लेकर बताया गया. हालांकि बाद में राज्यपाल श्री त्रिपाठी वहां का दौर कर गये. श्री सुप्रियो और राज्यपाल त्रिपाठी को वहां धारा 144 लगे होने का भी हवाला दिया गया.

इस समय वहां भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल आसनसोल व रानीगंज के निरीक्षण दौरे पर गया है और उसे भारी सुरक्षा बंदोबस्त के चलते वहां जाने दिया गया. पुलिस पर आमतौर पर यह इल्जाम लगाया जा रहा है कि उसने पहले तो दो दिन कोई भी प्रभावी कार्यवाही नहीं की. बिहार में तेजस्वी यादव और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता भारतीय जनता पार्टी पर दंगा भडक़ाने का आरोप लगा रहे हैं.

गुजरात के सूरत शहर में अमरौली और कोमाड इलाके में अपराधी गिरोहों में एक दूसरे के विरुद्ध हिंसक झड़पे हो गयीं. एक अपराधी बाबू जालिम जो हाल ही पेरोल पर छूटा है उस पर यह आरोप है कि उसने अपने आप को बचाने के लिये इस गिरोह के झगड़े को सांप्रदायिक रूप दिया है.

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