saarc1नयी दिल्ली,  जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर पाकिस्तान काे अलग-थलग करने के अपने अभियान में भारत को उस समय स्पष्ट कूटनीतिक सफलता मिली जब दक्षिण एशियाई क्षेत्र के ज्यादातर देशों ने नवम्बर में इस्लामाबाद में होने वाले दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ (दक्षेस) सम्मेलन का बहिष्कार करने का निर्णय लिया।

सीमा पार से आतंकवादी हमलों के मद्देनजर भारत द्वारा सम्मेलन में भाग नहीं के अपने निर्णय की घोषणा के बाद कम से कम चार दक्षिण एशियाई देशों का भारत को साथ मिला और उन्होंने वर्तमान में दक्षेस की अध्यक्षता कर रहे नेपाल को अपने-अपने पत्र भेजकर सम्मेलन में भाग लेने की असमर्थता जाहिर की।

अफगानिस्तान,बंगलादेश और भूटान ने अपने पत्रों में दक्षेस के उद्देश्यों और क्षेत्रीय सहयोग पर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा कि वे नवम्बर में होने वाले इस सम्मेलन में भाग नहीं लेगे।

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