AMIT_SHAHनई दिल्ली,  हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित रामोला के खुदकुशी मामले के बाद सियासी हमले झेल रही भाजपा संत रविदाश के जरिए दलित चुनौती को दूर करेगी.

पार्टी रणनीतिकारों ने संत रविदास के सहारे दलित सियासत को साधने की समग्र रूपरेखा बनाई है। जिसपर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह फरवरी के अंतिम सप्ताह में अमल करते नजर आएंगे. बताया जा रहा है कि 22 से 24 फरवरी के बीच उत्तर प्रदेश के तमाम शहरों में रविदास सम्मेलन का ताना-बाना बुना गया है। शाह खुद बलरामपुर, बहराइच और बलिया सरीखे शहर में उपस्थित होकर पार्टी के अभियान को परवान चढ़ाएंगे। उनके इस प्रयास को भाजपा के उत्तरप्रदेश मिशन 2017 से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

इस कवायद के जरिए पार्टी रणनीतिकार रोहित के खुदकुशी प्रकरण से हुए सियासी नुकशान की भरपाई कर लेना चाहते हैं। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व यह मानता है कि रोहित मामले से उसे सियासी नुकशान हुआ है। तो साथ ही यूपी के दलित मतों में सेंधमारी कर वे बसपा प्रमुख मायावती की चुनौती को बेअसर करना चाहते हैं। दलितों को लुभाने की कोशिश

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार शाह के यूपी जाने का कार्यक्रम तय हो रहा है। वे 22 फरवरी को बलरामपुर, 23 फरवरी को बहराइच और 24 फरवरी को बलिया में आयोजित होने वाले रविदास सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

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