subhash-chandra-boseनई दिल्ली. नेताजी सुभाष चंद्र बोस के करीबी रिश्तेदारों की वर्षों पहले कथित तौर पर जासूसी कराए जाने को लेकर छिड़े विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को एक अहम फैसला लिया है. कमेटी बनाने के फैसले से इस बात की अब संभावना बढ़ी है कि केंद्र सरकार नेताजी से जुड़े फाइलों को सार्वजनिक कर सकती है. सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी फाइलों के संदर्भ में सरकारी गोपनीयता कानून की समीक्षा के लिए कैबिनेट सचिव के नेतृत्व में अंतर मंत्रालय समिति गठित की.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने नेताजी से जुड़ी फाइलों या दस्तावेजों को सार्वजनिक करने को लेकर एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है. ये समिति फैसला करेगी कि कब और किस रूप में नेताजी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक किया जाएगा. नेताजी के पौत्र सूर्य कुमार बोस ने जर्मनी में मोदी से मुलाकात की और दावा किया कि नेताजी से जुड़ी सभी गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक करने की उनकी मांग पर मोदी ने विचार करने का आश्वासन दिया है.