83 दिन 22 किलोमीटर चलने में बज गए 10

नव भारत, न्यूज़ भोपाल,

विरोधियों की रणनीति के तहत मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की छवि राजनीति में भले ही खराब मानी जाती है. लेकिन आम जनता के बीच वह अभी भी पसंदीदा राज नेता बने हुए हैं.

प्रदेश के आदिवासी अंचल में सुमार अलीराजपुर और धार में स्वागत के लिए पलक-पावड़े बिछाये लोगो को देखकर यही आभास होता है. यहाँ बता दें कि सिंह सपत्नीक नर्मदा परिक्रमा पर हैं और खम्भात की खाड़ी पार कर इन दिनों धार जिले में चल रहे हैं. गुजरात से यह यात्रा बीते रविवार अलीराजपुर के रास्ते मप्र की सीमा में दाखिल हुए हैं.

लिहाजा उनके स्वागत के लिए लोग कोई कसर नहीं छोडऩा चाह रहे हैं. अंदाजा इसी से लगाया कांग्रेस नेताओं से इतर जहां भाजपा के पूर्व विधायक आगवानी व स्वागत के लिए पहुंच रहे हैं.

वहीं स्थानीय आदिवासी परिवार ढोल नगाड़ों के बीच पारम्परिक नृत्य के बीच घर में चाय के साथ स्थानीय व्यंजन दाल बाफले के लिए स्नेहवश जबरिया घर में बिठा भी रहे हैं. इसके चलते शाम 6 तक समाप्त होने वाली अमूमन 20 से 22 किलोमीटर की पद यात्रा को गंतव्य तक पहुंचने में इन दिनों रात्रि के 10 तक बज रहे हैं.

अलीराजपुर में परिक्रमा दल के साथ रहे पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा ने इस बात को सोशल मीडिया में प्रमुखता के साथ उठाया भी है. गुरूवार डही से यात्रा की शुरूआत के दौरान यह एक बार फिर दिखाई भी दिया. यहां विधायक सुरेंद्र सिंह हनी के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने पारंपरिक सत्कार किया.

इनके साथ नगर पंचायत अध्यक्ष अंजली वर्मा, पूर्व गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महेंद्र वर्मा प्रमुख गणमान्य नागरिकों में शामिल थे. खास बात यह रही कि इस यात्रा में दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह के साथ भांजे कैप्टन पृथ्वीराज सिंह और मकराणा और जयपुर से आई भांजियां भी शामिल हुई.

जामदा पिपलोद होते हुए कुआं धर्मराय के रास्ते रात्रि विश्राम के लिए पिपरीपुरा पहुंचे. इस नर्मदा परिक्रमा पथ पर उनके साथ लगभग ढाई सौ से अधिक लोग साथ चल रहे हैं. यहां बता दें कि दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा यात्रा पारिवारिक और धार्मिक है इस दौरान वह राजनीति से परे धर्म की बातें कर रहे हैं.

गुरुवार चले 22 किमी

गुरुवार उन्होंने 22 किमी की यात्रा पूरी की. 83 दिन यात्रा की शुरुआत डही में नर्मदा परिक्रमा नर्मदा आरती के साथ हुई.

आज चलेंगे 17 किमी

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शुक्रवार को महज 17 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे. इसकी शुरुआत वह पिपरीपूरा से करेंगे. नर्मदा आरती के बाद वह चंदनखेड़ी से निसरपुर कड़वाल के रास्ते में गेहल गांव पहुंचेंगे.

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