vid1नयी दिल्ली,  अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया को काफी दिलचस्प और लम्बा माना जाता है और यह प्रक्रिया पिछले दो सदियों में कई परिवर्तनों से गुजरने के बाद भी अपने मूल रूप में अब भी वैसी ही बनी हुई है जैसी वर्ष 1789 में जार्ज वाशिंगटन के निर्वाचन के वक्त थी.

अमेरिका जनता सीधे तौर पर देश के राष्ट्रपति का चुनाव नहीं करती है बल्कि उसके जिम्मे एक निर्वाचन मंडल का चुनाव करना होता है. इस वर्ष निर्वाचन मंडल के चुनाव की तिथि आठ नवम्बर तय की गई है. निर्वाचन मंडल में हर राज्य के सीमित संख्या में उम्मीदवार तय किये जाते है जिन्हे चुनाव से पहले सार्वजनिक करना होता है कि वे किस दल का समर्थन करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया के तहत अभी प्राइमरी चुनाव हो रहे है और रिपब्लिकन पार्टी तथा डेमोक्रेटिक पार्टी की आधिकारिक उम्मीदवारी हासिल करने के लिए घमासान जारी है. रिपब्लिकन पार्टी की ओर से दावेदारी हासिल करने के लिए मुख्य मुकाबला विवादित बयान देने के लिए जाने जाने वाले डोनाल्ड ट्रंप और टेक्सास के सीनेटर ट्रेड क्रूज के बीच है जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी में मुख्य मुकाबला पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और बर्नी सैंडर्स के बीच है.

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