trainनयी दिल्ली,  फ्रांस के सहयोग से नयी दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच रेलमार्ग को सेमी हाईस्पीड लाइन में बदलने का काम एक साल के अंदर शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही अंबाला और लुधियाना के रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में बदला जाएगा।

रेल मंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि फ्रांस की कंपनी सिस्त्रा व्यवहार्यतापूर्व अध्ययन कर चुकी है और अब दूसरे चरण में परियोजना कार्यान्वयन अध्ययन कर रही है और जल्द ही इसकी रिपोर्ट आ जाएगी। उन्होंने उम्मीद जतायी कि एक साल में इस परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा।

सूत्राें के अनुसार इस मार्ग को 200 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली गाड़ियों के परिचालन के अनुकूल बनाया जाएगा। फ्रांस की कंपनी इस मार्ग पर पटरियों के संयोजन के साथ-साथ सिग्नलिंग प्रणाली तथा इंजन एवं कोचों को भी आधुनिक बनाने का काम करेगी। हालाँकि देश में बन रहे एलएचबी कोच भी सेमी हाईस्पीड के लिये अनुकूल बताये गये हैं।

सूत्रों ने बताया कि फ्रांस ने स्टेशनों के विकास की योजना को लेकर अपनी दिलचस्पी जाहिर की थी लिहाजा उसे अंबाला और लुधियाना रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तरीय स्टेशनों के रूप में विकसित करने का काम देने का निर्णय हुआ है।
यह पूछे जाने पर कि क्या भविष्य में इस मार्ग को आगे अमृतसर या जम्मू तक भी सेमी हाईस्पीड के रूप में विकसित करने का काम फ्रांस को दिया जा सकता है, सूत्रों ने कहा कि अभी तो नयी दिल्ली से चंडीगढ़ तक का मार्ग विकसित किया जाएगा। उसके बाद देखेंगे कि आगे क्या हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि फ्रांस की इसी कंपनी के अगुवाई वाले कंसोर्टियम को हीरक चतुर्भुज परियोजना में मुंबई से चेन्नई के बीच हाईस्पीड रेललाइन के लिये व्यवहार्यता अध्ययन का ठेका दिया गया है। इसके अलावा हाल ही में फ्रांसीसी कंपनी अल्स्टॉम को मधेपुरा में बिजली इंजन कारखाने का ठेका मिला है।

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