नयी दिल्ली,

अरविंद केजरीवाल सरकार ने राजधानी के लोगों पर बड़ा बोझ डालते हुए पानी की दरों में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है, नयी दरें अगले साल एक फरवरी से लागू होंगी।

दिल्ली जल बोर्ड की आज हुई बैठक में पानी की दरों में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया गया है। बीस हजार लीटर मासिक पानी खर्च करने वालों को पहले की तरह मुफ्त पानी मिलता रहेगा। इससे अधिक पानी खर्च करने पर उपभोक्ता को पूरे पानी का भुगतान करना होगा।

दिल्ली सरकार के प्रवक्ता और मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नागेन्द्र शर्मा ने बताया कि आज बोर्ड की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, “ मासिक 20 हजार लीटर घरेलू खपत वाले पानी उपभोक्ताओं को पहले की तरह मुफ्त पानी मिलता रहेगा। इससे अधिक खपत वाले ग्राहकों पर पानी और सीवर चार्ज में संयुक्त 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की गयी है।”

नयी दरें अगले वर्ष फरवरी से लागू होंगी। आप सरकार 2015 में सत्ता में आई थी और इसके बाद उसने पानी की दरों में 10 प्रतिशत की वृद्धि की थी। तीन साल में सरकार ने पानी की दरों में यह दूसरी बार बढ़ोतरी की है।

जल बोर्ड के उपाध्यक्ष और संगम विहार से विधायक दिनेश मोहनिया ने कहा कि उपभोक्ताओं पर कम से कम भार डालने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि मासिक सीमा से अधिक पानी खर्च करने वालों पर 28 रुपए प्रति महीने का बोझ पड़ेगा।

बोर्ड की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि यह फैसला वित्तीय बोझ को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। अरविंद केजरीवाल ने तीन महीने ही जल बोर्ड का प्रभार संभाला था।

दिल्ली के पूर्व जल मंत्री कपिल मिश्रा ने पानी की दरों में बढ़ोतरी के फैसले पर सरकार को घेरते हुए ट्वीट किए। उन्होंने लिखा,“ दिल्ली सरकार ने पानी का दाम बढ़ाने का फैसला किया, अचानक ऐसा फैसला क्यों। क्या अरविंद केजरीवाल के जल मंत्री बनते ही दिल्ली जल बोर्ड अचानक घाटे में चला गया है। ये दिल्ली वालों के साथ धोखा है। दाम न बढ़ाने का वादा किया गया था।’’

Related Posts:

सैनिकों को नहीं मिला उनका अधिकार
जापान बना सकता है भारत की पहली बुलेट ट्रेन
नमामी गंगे कार्यक्रम के लिए भारत-जर्मनी में समझौता
बार-बार नोट बदलने वालों पर सरकार का शिकंजा, नाखून पर लगेगी स्याही : दास
ममता ने की दार्जिलिंग हिल्स में शांति और सौहार्द बहाली की अपील
वाराणसी में माघ पूर्णिमा पर गंगा में उमड़ा अास्था का सैलाब