trade_fairनयी दिल्ली, राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने दिल्ली के प्रगति मैदान में भारत की सामाजिक -सांस्कृतिक विविधता, विकास एवं प्रगति और विदेशी प्रौद्योगिकी से रु -ब- रु कराने वाले 35 वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का आज उद्घाटन किया।

इस मौके पर उन्हाेंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 21 खरब डालर की हैं और यदि विनिर्माण तथा नवाचार को प्रोत्साहन दिया जाता है तो अगले दो दशक में भारत 10 हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बन सकता है। इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद थे। श्रीमती सीतारमण ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम पर बल दिया।

पैंतीसवें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले की मुख्य थीम ‘ मेक इन इंडिया’ रखी गयी है। फोकस देश बंगलादेश को बनाया गया है और मुख्य भागीदार देश अफगानिस्तान है। इसी तरह से फोकस राज्य मध्यप्रदेश है तथा भागीदार राज्य झारखंड एवं गोवा को बनाया गया है। मेले में 10 से 15 लाख देशी-विदेशी लोगों के पहुंचने का अनुमान है। मेला 27 नवंबर तक चलेगा।

केंद्र सरकार भी व्यापार मेले में अपनी प्रमुख योजनाओं पर जोर दे रही है। इसमें मेक इन इंडिया को मुख्य थीम बनाने के अलावा स्मार्ट सिटी, मॉडल गांव, डिजिटल इंडिया, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और जन-धन समेत तकरीबन 10 योजनाओं का जिक्र होगा।

मेले में 7000 से भी अधिक भारतीय एवं विदेशी कंपनियां भाग ले रही हैं। अफगानिस्तान, मिस्र, बहरीन, बंगलादेश, भूटान, चीन, क्यूबा, जर्मनी, गुयाना, हांगकांग, इंडोनेशिया, इराक, केन्या, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अमेरिका, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, थाईलैंड, तिब्बत, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, यूगांडा और वियतनाम की प्रमुख कंपनियों प्रमुख रूप से मेले में शिरकत कर रही है।

इस बार स्कूली बच्चे भी बिजनेस के दिनों में यानी 14 से 18 नवंबर के बीच भी सामान्य टिकटों पर मेले में प्रवेश पा सकते हैं। बच्चों के लिए इन दिनों में भी सामान्य शुल्क होगा। इस वर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले की शुरूआत से ही आयोजित किए जाएंगे।

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