भोपाल,  सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री गोपाल भार्गव ने भारत भवन में अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग कलाकारों की रचनाशीलता पर आधारित समापन समारोह को संबोधित करते हुए आयोजन को दिव्यांग कलाकारों का एक अभिनव आयोजन बताया.

उन्होंने कहा कि इस प्रकार का आयोजन देश और प्रदेश का पहला आयोजन है. भार्गव ने कहा कि दिव्यांगता शारीरिक नहीं होती है, वह मानसिक होती है. जो व्यक्ति दिव्यांग नहीं है और वह परमार्थ के कार्य नहीं करता है, तो सही मायने में वह दिव्यांग है.

कार्यक्रम में प्रदेश के समस्त संभागों से आये दिव्यांगजनों को मंत्री भार्गव द्वारा स्मृति चिन्ह और प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये. यह 5 दिवसीय आयोजन संस्कृति विभाग और सामाजिक न्याय विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया था.

जिसमें दिव्यांगजनों ने संगीत, नृत्य, गायन, नाटक और वक्तव्य पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किये. संस्कृति विभाग द्वारा इन दिव्यांगों की कला को निखारने के लिए और सही मंच मिले इसके लिए विषय-विशेषज्ञों की एक टीम भी आमंत्रित की गई थी. कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव, सामाजिक न्याय विभाग की प्रमुख सचिव नीलम शमी राव और दिव्यांगजन उपस्थित थे.

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