चित्रकूट,

चित्रकूट के श्रीरामभद्राचार्य विकलांग विश्व विद्यालय के दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित करते हुए महामहीम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि  जगदगुरु रामभद्राचार्य द्वारा उठाई गई केन्द्रीय विश्वविद्यालय की मांग  को अपनी ओर से केन्द्र सरकार को भेजकर मांग पूरी कराने का प्रयास करेंगे.

उन्होंने  कहा कि दिव्यांगता को चुनौती देने का काम जगद्गुरू रामभद्रचार्य ने किया है. उन्होंने खुद दिव्यांग रहते हुए विश्व का अनूठा विकलांग विश्व विद्यालय खोलकर मानवता की सेवा के अभियान की अलख जगायी है.

इसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं.  सोमवार को भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने जगदगुरू रामभद्रचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कहा कि उत्तर प्रदेश की अरुणिमा सिन्हा से विद्यार्थी प्रेरणा ले सकते हैं. सिन्हा ने एक पैर की होने के बाद भी एवरेस्ट की चोटी पर झंडा फहराया है.

यूपी की इरा सिंघल ने आईएएस में देश में पहला स्थान पाकर दिखाया है कि परिश्रम से सबकुछ सम्भव है. चेन्नई की टिकनी व आंध्रा के श्रीकान्त गोडला जन्म से अंधी होने के बाद भी विश्व में सर्वोत्तम शिक्षा हासिल कर हैदराबाद में खुद की इंडस्ट्री खोलकर तमाम दिव्यांगों को रोजगार दिया है.

फोब्र्स की सूची में इस बेटी का नाम है.  राष्ट्रपति ने प्राचीन भारत के विद्वान अष्टावक्र का उदाहरण देते हुए कहा कि राजा जनक के दरबार में आयोजित विद्वता प्रतियोगिता में उनके पहुंचने पर विद्वानों के उपहास उड़ाने पर अष्टावक्र ने कहा कि चमड़ी से विद्वता की कद्र नहीं होनी चाहिए, विद्वता की कद्र तो उसके ज्ञान से होती है. इस पर सभी विद्वानों ने उनकी बात का लोहा माना.

कहा कि ईश्वर ने सभी मनुष्यों को विशेष प्रतिभा से नवाजा है. हर किसी में कोई न कोई गुण होता है. उसका सदुपयोग होना चाहिए.  इसके पहले राष्ट्रपति ने एक चांसलर मैडल समेत 19 टावर को गोल्ड मैडल व उनकी मौजूदगी में 579 छात्रों को उपाधियां बांटी गईं.

कुलाधिपति रामभद्राचार्य नेे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को मानदडीलिट् की उपाधि उनके प्रतिनिधि मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को दी. मनु पीठाधीश्वर राजेन्द्रदास देवा महाराज को भी मानद डीलिट् की उपाधि से नवाजा. सर्वोच्च अंक पाने वाले राहुल शुक्ला व वर्ष 2016-17 में सर्वोच्च अंक पाने वाले मो रसी हुसैन, कमलेश राठौर, रवीन्द्र सिंह, सुरेश कुमार आदि को गोल्ड मैडल दिये.

मप्र के राज्यपाल डॉ ओम प्रकाश कोहली ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विकलांग के स्थान पर दिव्यांग का प्रयोग किया है. दिव्यांगता अभिशाप नहीं है, हर इंसान में कोई न कोई प्रतिभा होती है. प्रतिभा को उभारने का काम कर उन्हें सम्मान दिलाया जाये. इसके पूर्व कुलपति प्रो योगेशचन्द्र दुबे, कुलसचिव बीआर पाण्डेय व वित्त अधिकारी आरपी मिश्रा ने अतिथियों को बैज अलंकरण कर स्वागत किया.

अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति रामभद्रचार्य ने कहा कि इस विश्वविद्यालय को केन्द्रीय रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाये. संचालन गोपाल मिश्रा ने किया.

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