दंड विधि संशोधन विधेयक को मंजूरी, मप्र बना देश का पहला राज्य

भोपाल,

मप्र में दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होंंने पर फांसी की सजा दी जा सकेगी. इसके साथ मप्र देेेश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जहां सरकार ने दुष्कर्मियों को फांसी देने पर सहमति जताई है.

रविवार को शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल द्वारा दंड विधि संशोधन विधेयक को भी मंजूरी दे दी गई. विधानसभा में संशोधन विधेयक को पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा.

कैबिनेट की बैठक के बाद इस आशय की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री जयंत मलैया ने बताया कि, इसमें 12 साल से कम उम्र की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसे अपराध के लिए अधिकतम फांसी की सजा सुनाई जा सकेगी.

इस कानून में यह भी प्रावधान किया गया है कि अर्थदंड 100000 रूपये तक लगाया जा सकेगा. इसके अतिरिक्त जमानत के मामले में बिना लोक अभियोजक के पक्ष में फैसला नहीं सुनाया जा सकेगा. विवाह का प्रलोभन देकर शारीरिक संबंध बनाना भी दंडनीय अपराध होगा.

इसके लिए दंड विधि संहिता एवं प्रक्रिया में धारा 376 ए और डी ए जुड़ेगी. मंत्रि-परिषद ने तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अधीनस्थ मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास मिशन एवं वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग के अधीनस्थ रोजगार बोर्ड को जोड़कर युवा सशक्तिकरण मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार बोर्ड के गठन का निर्णय लिया गया.

इस बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे. मंत्रि-परिषद ने सहरिया, बैगा और भारिया विशेष आदिम जनजातियों के उम्मीदवारों को पुलिस विभाग के आरक्षक (जी.डी) पद के लिए अनुसूचित जनजाति के रिक्त पदों पर भर्ती करने का निर्णय लिया.

भर्ती करने के संबंध में रिक्त पदों की गणना 1 जनवरी 2018 से 31 दिसम्बर 2018 की स्थिति में की जाएगी. ईकाई के लिए निर्धारित आरक्षण रोस्टर प्रतिशत अनुसार केवल अनुसूचित जनजाति के रिक्त पदों की गणना की जाएगी.

रिक्त पदों के एक तिहाई पदों पर विशेष अनुसूचित जनजाति सहरिया,बैगा, भारिया वर्ग के उम्मीदवारों के चयन की कार्यवाही के लिये न्यूनतम अर्हताधारी को आरक्षक (जी.डी) पद पर नियुक्त किया जाएगा.

राज्य कर्मचारियों को मिलेगा महंगाई भत्ता

प्रदेश के 4.30 लाख से ज्यादा नियमित कर्मचारियों का डीए बढ़ाने का फैसला भी कैबिनेट में लिया गया. अब कर्मचारियों को चार की जगह 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा. यह फैसला 1 जुलाई 2017 से लागू होगा इस पर सरकार को 340 करोड़ रुपए भार आएगा.

इस फैसले का लाभ पंचायत और नगरीय निकाय के अध्यापक स्थाई कर्मी और पेंशनरों को भी मिलेगा. पुलिस की भर्ती में अब अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित पदों में से एक तिहाई पदों पर विशेष पिछड़ी जनजाति सहारिया बैगा और भाग्य की भर्ती हो सकेगी. प्रदेश के 15 जिलों में करीब 460 पद है.

विधानसभा सत्र आज से

म.प्र. विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है. 8 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र में कुल 10 बैठकें होंगी. इस दौरान जहां द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया जायेगा, वहीं दूसरी ओर सरकार 12 साल से कम आयु की बालिकाओं के साथ घटित होने वाले ज्यादती के मामलों में फांसी देने दंड विधि संशोधन विधेयक भी लायेगी.

इसके अलावा विधानसभा को 3635 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं. ध्यानाकर्षण की 201, स्थगन सूचना 13 तथा 32 अशासकीय संकल्प के साथ शून्यकाल की 54 सूचना शामिल हैं.

आएगा अनुपूरक बजट

कैबिनेट की बैठक में इसमें 27 नवंबर सोमवार से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में द्वितीय अनुपूरक बजट अनुमान प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई. बताया जा रहा है कि अनुमान 7000 करोड़ रुपए से ज्यादा का है.

इसी तरह निजी स्कूल फीस विधेयक विधानसभा के सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा. अधिक फीस में वृद्धि के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित होने वाली समिति में प्रस्ताव रखना होगा. यह समिति भी 10 से 15 फ़ीसदी फीस वृद्धि ही कर सकेगी.

 

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