sehoreसीहोर,  खुशियों के त्योहार होली का रंग भी रंजिशों को कम नहीं कर पाया. बुधवार को जिले के चकल्दी थाना क्षेत्र के ग्राम आमझिरी में पत्थरों से कुचलकर एक आदिवासी ग्रामीण की नृशंस हत्या की वारदात के अगले ही दिन अज्ञात हत्यारों ने जिला मुख्यालय के एक युवक की गला काटकर निर्दयता से हत्या कर डाली.

रंगपर्व के लगातार दूसरे दिन जिले में हुई हत्या की वारदात ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. बुधवार को रेहटी थाना क्षेत्र के ग्राम आमझिरी में 50 वर्षीय एक आदिवासी ग्रामीण भीमसिंह बारेला आत्मज सूरला बारेला की खून से सनी लाश उसके भाई चंदरसिंह बारेला के खेत में मिली थी. हत्यारों ने पत्थरों से कुचलकर हत्या को अंजाम दिया था. इस हत्याकांड को 24 घंटे भी नहीं हुए थे कि जिला मुख्यालय पर भी बीती रात अज्ञात हत्यारों ने 27 वर्षीय एक युवक को मौत के घाट उतार दिया और खाली प्लाट के पास नाली में लाश छुपाकर फरार हो गए.

स्थानीय गंज क्षेत्र के बजरंग चौराहा निवासी मोहनलाल का 27 वर्षीय पुत्र लखन भोपाल की एक निजी कंपनी में काम करता था. ज्यादातर भोपाल में रहने वाला लखनलाल होली का त्योहार मनाने अपने घर आया था. बुधवार की शाम लगभग 7 बजे अपने चचेरे भाई की बाइक लेकर बाजार के लिए निकला था. रात में वापस नहीं लौटने पर परिजन उसकी राह देखते रहे, लेकिन सुबह तक जब वह अपने घर नहीं लौटा तो परिजन उसकी तलाश में निकल पड़े.

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