भोपाल,  मेजोरटिज्म इज नॉट आ पेट्रोटिज्म…मैं यहां कोई राजनीति करने नहीं आया हूं.देशभक्ति और संविधान काफी गंभीर विषय है.हिन्दुस्तान में कौन देशभक्त है इसे समझने में वक्त लेगा.यह बात रविवार को आयोजित एक टॉक शो में पूर्व केन्द्रीय मंत्री कपिल bpl3 ने कही.टॉक शो का आयोजन न्यू मार्केट स्थित समन्वय भवन में किया गया.इसमें कपिल सिब्बल के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट विवेक तन्खा से सीधी बात की गई.

समन्वय भवन में आयोजित टॉक शो संदर्भ का संचालन वरिष्ठ पत्रकार दीपक तिवारी ने किया. देशभक्ति और संविधान विषय पर आयोजित टॉक शो में दर्शकों से सीधा संवाद करते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि भारत एक अदभुद देश है. हर देश की पहचाना उसकी भाषा और संस्कृति से होती है.लेकिन भारत एक देश है जिसमें कई भाषा और संस्कृति हैं.

वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट विवेक तन्खा ने बताया कि देशभक्ति की भावना सभी के दिल में है.इसके बाद भी देशभक्ति विषय पर चर्चा करना सोचने की बात है.भारत बडा देश है सभी राज्यों की अलग भाषा और संस्कृति है.संविधान सभी को एक सूत्र में बांधता है.हम सभी देश प्रेमी हैं बस कुछ छोटी छोटी बातों को नजर अंदाज करते हैं.ज्यूडिशरी की प्रतिक्रया विषय पर पूछे गए सवाल विवेक तन्खा ने कहा कि हर बात पर प्रतिक्रया देने से ज्यूडीशरी की महत्वता व गरिमा कम हो जाती है.

सरकार गिराना और देश को बदलना मेरा हक है….
संविधान कहता है सभी राज्यों की भाषा और संस्कृति को प्रोत्साहन मिलना चाहिए.जहां तक हक और अधिकार की बात है,तो इसमें कुछ पाबंदियां लगी हैं.अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधी बात करते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार गिराना मेरा हक है.देश में बदलाव लाना मेरा अधिकार है.मगर इस बात को गलत तरह से पेश किया जाता है.

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों पर लगे देशद्रोह के आरोपों पर पूछे सवाल पर सिब्बल ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर को सार्वजनिक स्थान नहीं है.यह एक निजी स्थल होता है. ऐसी जगह पुलिस भेजना युवाओं की सोच को रोकना है.

यदि युवाओं की सोच रुकेगी तो देश बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएगा. जिस दिन पुलिस विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश कर गई.

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