ram_navmiनई दिल्ली,  मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी आज पूरे देश में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर जगह-जगह शोभा यात्राएं निकाली गयीं और भंडारे किये गये. तड़के से ही विभिन्न मंदिरों में भक्तों की कतारें लगी रहीं.

राजधानी दिल्ली के मंदिरों में भंडारों का आयोजन किया गया. कई जगहों पर सड़कों के किनारे तंबू लगाकर श्रद्धालुओं ने भंडारे का आयोजन किया. इस मौके पर मंदिरों में विशेष व्यवस्था की गयी और उन्हें सजाया गया. मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्मोत्सव पर आज उत्तर प्रदेश के अयोध्या में दूर-दराज से आये लोगों ने सरयू नदी में स्नान करके प्रमुख मंदिरों में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्मोत्सव को मनाया. रामनवमी के अवसर पर देश के कोने-कोने से आये लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी में डुबकी लगाकर मंदिरों में पूजा-अर्चना की. कनक भवन मंदिर में जन्मोत्सव के विशेष कार्यक्रम आयोजित हुए. मंदिर में दोपहर के ठीक 12 बजते ही मर्यादा पुरुषोत्तम का सांकेतिक जन्म होने के बाद पुत्र जन्म के समय गाये जाने वाले विशेष लोक गीत सोहर के रूप में भजन और बधाई गीत गाये तथा उपहार लिये.

अवध की संस्कृति के अनुसार बच्चे के जन्म पर किन्नर आते हैं, गीत गाते हैं. बदले में उन्हें उपहार दिया जाता है. सांकेतिक जन्म के बाद पूरी अयोध्या जन्मोत्सव मनाया गया. जन्म के समय पूर्व ही श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर अपना-अपना स्थान बनाने लगे थे. सिर पर गठरी, कंधे पर बच्चा लिये दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों से आये श्रद्धालुओं ने प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर, नागेश्वरनाथ और विवादित श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला का दर्शन किये.
इस बार हनुमानगढ़ी मंदिर पर श्रद्धालुओं से होने वाले फिसलन को रोकने के लिये फर्श व सीढिय़ों पर बालू का छिड़काव किया गया है. मेले में श्रद्धालुओं ने कल रात करीब दो बजे से सरयू स्नान करना प्रारम्भ कर दिया था.

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