bpl1भोपाल,  किसी भी देश के विकास में युवाओं का सबसे बड़ा योगदान होता है. युवाओं में असंभव के पार देखने की अद्ïभुत शक्ति होती है. यही जोश और असंभव को संभव करने के कारण युवा अपने राष्ट्र को सबसे शक्तिशाली राष्ट्र साबित कर सकते हैं. ये कहना है पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी का.

रविवार को एनआईटीटी टीआर सभागृह में जन परिषद के 27वें वर्षगांठ के अवसर पर उन्होंने यह विचार व्यक्त किए. विशिष्ट अतिथि के रूप में सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी, मिसेज यूनिवर्स एवं मिसेज इण्डिया रूबी यादव, नृत्यांगना रानी खानम, मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम के अध्यक्ष शिव, मेजर जनरल पीएन त्रिपाठी उपस्थित रहे.

इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी त्रिपाठी ने कहा कि भारत विश्व का सबसे पुराना देश है. विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और सभ्यताओं से सम्मिलित भारत देश एक है. भारत की संस्कृति विश्व को समय-समय पर नई चीजों से अवगत कराती है. उन्होंने यह भी कहा कि हमारी संस्कृति को बचा कर रखना होगा और भारत के इतिहास से बच्चों को अवगत कराना होगा. आज मोबाइल और टेक्नोलॉजी से दुनिया छोटी हो गई है. इसमें कोई संदेह नहीं है.

लेकिन दुनिया मर्यादाओं से दूर होते जा रही है, इसमें भी कोई संदेह नहीं है.
सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज ने कहा कि फिल्मों में अशलीलता दिखाकर उसकी टीआरपी बढ़ाना गलत है. फिल्मों से बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी सीखते हैं इसलिए निर्देशकों को एक साफ-सुथरी और सेंसेबल फिल्म का निर्माण करना होगा. फिल्मों के द्वारा समाज को बदलना चाहिए, लेकिन परम्पराओं को नहीं भूलना चाहिए.

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