rssनागौर,  आरएसएस ने सरकार से कहा है कि वह यूनिवर्सिटी में ‘देश विरोधी’ गतिविधियों में शामिल लोगों पर लगाम कसे. साथ ही संघ ने सवाल उठाया कि जेएनयू में ‘देश को तोडऩे’ वाले नारों को कैसे बर्दाश्त किया जा सकता है.

राजस्थान के नागौर में आयोजित अपने 3 दिनों के वार्षिक सम्मेलन के पहले दिन, शुक्रवार को संघ ने सरकार से ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती बरतने की उम्मीद जताई. आरएसएस ने कहा, केंद्र और राज्य सरकारों से हमारी अपेक्षा है कि ऐसी देश विरोधी ताकतों से सख्ती से निपटा जाए. ऐसे लोगों पर लगाम कस कर यह सुनिश्चित किया जाए कि हमारे शैक्षिक संस्थान राजनीति का अड्डा न बन जाएं. यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी के आरोप में कई छात्रों को गिरफ्तार किया गया है और विपक्षी दल इन मुद्दों पर सरकार को निशाने पर ले रहे हैं.

प्रतिनिधि सभा के उद्घाटन में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद थे. इसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत संघ के कई शीर्ष नेता भी पहुंचे हैं. सम्मेलन में आरएसएस ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट पेश की, जिसमें पठानकोट में हुए आतंकी हमले पर चिंता जताई गई और सुरक्षा बलों की क्षमती की समीक्षा किए जाने पर भी जोर दिया गया. यहां बता दें कि अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा आरएसएस का सालाना कार्यक्रम है. राजस्थान के नागौर में 11 मार्च से शुरू होकर यह सम्मेलन 13 मार्च तक चलेगा.

Related Posts: