BSEमुंबई. शेयर बाजार में बीते दो कारोबार सत्र से भारी गिरावट रही है. मंगलवार और बुधवार के सत्र में सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूट चुका है. आज की गिरावट में निफ्टी ने 8150 के मनोवैज्ञानिक स्तर को भी तोड़ दिया है. दिग्गज शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की ज्यादा पिटाई हुई है. एनएसई पर आईटी इंडेक्स को छोड़कर सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए है. आज की गिरावट में रियल्टी, पीएयू बैंक और एफएमसीजी सेक्टर 7 फीसदी तक लुढ़क गए थे.

दिग्गज ब्रोकरेज हाउस सीएलएसए ने सेंसेक्स का लक्ष्य 3 फीसदी से घटा दिया है. सीएलएसए ने दिसंबर अंत तक सेंसेक्स का लक्ष्य घटाकर 28500 कर दिया है. सीएलएसए को ग्रामीण क्षेत्र को लेकर चिंता है और अपनी रिपोर्ट में इस ब्रोकरेज हाउस ने कहा है कि भारत में रिकवरी की संभावना कम है. सीएलएसए का मानना है कि अनाजों के एमएसपी बढऩे का बुरा असर पड़ेगा. लेकिन सीएलएसए को रोड सेक्टर में सुधार के संकेत नजर आ रहे हैं. सीएलएसए ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बिजली उत्पादन में सुधार आएगा, लेकिन बिजली की मांग चिंता का विषय हो सकती है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट- मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के इक्विटीज के वाइस प्रेसिडेंट योगेश मेहता ने कहा, निफ्टी 200 डे मूविंग एवरेज से नीचे चला गया है. इसके लिए अगला सपोर्ट लेवल 8,200 होगा. मेहता ने कहा कि रेट सेंसिटिव स्टॉक्स, मेटल और माइनिंग सेक्टर का परफॉर्मेंस खराब रह सकता है. उन्होंने कहा कि जब तक इकोनॉमिक रिकवरी नहीं होती है, इन पर प्रेशर बना रहेगा.
इडलवाइज ग्रुप के चेयरमैन और सीईओ रशेष शाह ने कहा, हम 0.50 पर्सेंट रेट कट की उम्मीद कर रहे थे. हालांकि, रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमोबेश उम्मीद के मुताबिक रही है. रिजर्व बैंक को महंगाई दर बढऩे की आशंका है. उसने जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को भी घटाया है. यह अच्छे संकेत नहीं हैं. शाह ने कहा कि उन्हें आगे चलकर शेयर बाजार के एक दायरे में रहने की उम्मीद है.
ट्रेड स्विफट के हेड संदीप जैन ने बताया कि बाजार में भारी गिरावट के कई कारण हैं. बीते सत्र में आरबीआई के ब्याज दरों में कटौती से बाजार में निराशा है. क्योंकि बाजार को आधा फीसदी की कटौती की उम्मीद थी. साथ ही रियल्टी कंपनियों पर कजऱ् बहुत है, जिसके चलते रियल्टी शेयरों में भारी गिरावट देखी जा रही है. इसके अलावा सर्विस टैक्स में बढ़ोतरी और एचडीएफसी की तरफ से हाउसिंग लोन में कटौती नहीं करने से रियल्टी इंडेक्स में बिकवाली. संदीप आगे कहते हैं कि रियल्टी इंडेक्स में भारी गिरावट का दौर शुरू हो गया है. जब तक सरकारी पॉलिसी लागू नहीं होती है तब तक इस सेक्टर को बूस्ट नहीं मिलेगा. ऐसे में निवेशकों को सर्तक रहने की सलाह है. जब भी बाजार में उछाल मिले, निवेशकों को मुनाफा बुक करना चाहिए. यदि लंबी अवधि का नजरिया है तो गोदरेज प्रोपर्टी, ओबरॉय रियल्टी, शोभा डेवल्पर्स और प्रेसटीज में निवेश किया जा सकता है. क्योंकि इन कंपनियों पर कर्ज कम है.

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