modi4कुआलालम्पुर,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दक्षिण चीन सागर विवाद पर आज आसियान देशों के साथ स्वर मिलाते हुये शांतिपूर्ण तरीके से इस विवाद का जल्द समाधान निकालने की अपील की।

श्री मोदी ने 13वें आसियान शिखर सम्मेलन में कहा, “भारत अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार नौवहन और अबाधित व्यापार की स्वतंत्रता के आसियान के रूख का समर्थन करता है। प्रादेशिक विवाद शांतिपूर्ण तरीके से ही हल किए जाने चाहिए।”
उन्होंने उम्मीद जताई कि दक्षिण चीन सागर में सभी पक्ष नियमों का पालन करेंगे और आपसी सहमति के अाधार पर जल्द से जल्द एक आचार संहिता को अपनाने के लिए प्रयास दुगुने करेंगे। उन्होंने कहा, “हमें समुद्री सुरक्षा, समुद्री डकैती को रोकने तथा मानवीय और प्राकृतिक आपदा राहत के क्षेत्र में सहयोग की नई योजनाएं खोजनी चाहिए।”

दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच भारत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा तथा अन्य विश्व नेता विभिन्न सम्मेलनों में इस मुद्दे को उच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।

दक्षिण चीन सागर में चीन के दावे वाले क्षेत्र के नजदीक अमेरिका द्वारा अपने जहाज और विमान भेजे जाने के सवाल पर भारतीय विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “भारत दक्षिण चीन सागर में किसी भी पक्ष का समर्थन नहीं करता। इस मुद्दे पर हमारा एक सैद्धांतिक रूख है और हम हमेशा इस विचार का प्रचार करते है कि दक्षिण चीन सागर में किसी भी विवाद को बातचीत तथा शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। दूसरा विवादों को सुलझाने में संयुक्त राष्ट्र का समुद्र से संबंधित समझौते समेत अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन होना चाहिए। तीसरा हम दक्षिण चीन सागर में नौवहन और उड़ान की स्वतंत्रता का प्रचार करते है और चौथा हम हमेशा आचार संहिता की घोषणा को जल्द से जल्द लागू करने का समर्थन करते है।”

 

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