18nashamuktiभोपाल,18 फरवरी. नशामुक्ति महाषंखनाद के चतुर्थ दिवस योगीराज शक्तिपुत्र महाराज ने विश्व के धर्माचार्यों को चुनौती देते हुए कहा कि एक बार ऐसा धर्म सम्मेलन आयोजित किया जाये जिसमें समस्त धर्माचार्य, शंकराचार्य, योगाचार्य व पूरी मीडिय़ा, बुद्धिजीवी वर्ग उपस्थित हों और जो धर्मगुरु अपने आप परमहंस, योगाचार्य, धर्माचार्य व ष्शंकराचार्य कहते हैं उनका वैज्ञानिक परीक्षण हो ताकि समाज समझ सके सत्यधर्म किसके पास है. उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम इस वैज्ञानिक परीक्षण में से गुजरने के लिए मैं तैयार हूं. एक बार वो सभी मेरे तपबल का सामना करें अगर कोई भी मेरे तपबल को झुका देगा तो मैं अपना सर काट कर उसके चरणों में चढ़ा दूंगा.

नशामुक्त, मांसाहारमुक्त एवं चरित्रवान रहने का संकल्प लेते हुए 25 हजार लोगों ने ली गुरुदीक्षा-जम्बूरी मैदान में आयोजित नषामुक्ति महाषंखनाद में आज शक्तिपु़त्र महाराज द्वारा लगभग 25 हजार लोगों को नशामुक्त, मांसाहारमुक्त एवं चरित्रवान रहने का संकल्प दिलाकर गुरु दीक्षा प्रदान की गई. इसी अवसर पर उन्होंने कहा कि मुझसे गुरु दीक्षा लेने का कोई शुल्क नहीं है. अगर देना ही चाहते हो तो मुझे अपने अवगुण समर्पित कर दो. जाति, धर्म, उंच-नीच, गरीब-अमीर समभाव से मुझसे गुरुदीक्षा प्राप्त कर सकते हैं.

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