चेन्नई, 25 सितंबर. चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने चैंपियंस लीग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में मुंबई इंडियंस के हाथों तीन विकेट की हार के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अगर वह लसिथ मलिंगा को स्टंप आउट करने का मौका नहीं गंवाते तो उनकी टीम मैच जीत लेती. वहीं मुंबई इंडियंस के कप्तान हरभजन सिंह की माने तो ड्रेसिंग रूम में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की मौजूदगी से उनकी टीम को फायदा मिला.

धौनी ने 17वें ओवर में शादाब जकाती की गेंद पर मलिंगा को स्टंप करने का आसान मौका गंवा दिया था. तब मुंबई को जीतने के लिए 32 रन की दरकार थी. मलिंगा ने सिर्फ 18 गेंद में नाबाद 37 रन की तूफानी पारी खेलकर मुंबई को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. धोनी ने मैच के बाद कहा कि स्टंप आउट का मौका चूकने के कारण हमने मैच भी गंवा दिया. मलिंगा जब अच्छा खेल रहा था तब हमें गेंद की गति कम करनी चाहिए थी.

उम्मीद करते हैं कि आगामी मैचों में हम इस तरह की गलतियां नहीं दोहराएंगे. मुंबई के कार्यवाहक कप्तान हरभजन सिंह ने भी नाबाद 19 रन की पारी खेली और मलिंगा के साथ 53 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को जीत दिलाई. हरभजन ने मलिंगा की तारीफ करते हुए कहा कि मैं सिर्फ मलिंगा को स्ट्राइक देने के बारे में सोच रहा था. चेन्नई ने अच्छा स्कोर खड़ा किया था और हमारे लिए राह आसान नहीं थी. लेकिन मलिंगा ने अपने जीवन की सबसे अच्छी पारी खेली. ड्रेसिंग रूम में सचिन की मौजूदगी के बारे में भज्जी ने कहा कि यदि सचिन खेल नहीं रहा हो तो उनका आपके साथ होना अच्छा रहता है. वह महान खिलाड़ी और प्रेरणादायी व्यक्ति हैं.

ड्रेसिंग रूम में उनकी मौजूदगी से निश्चित तौर पर सभी खिलाड़ी प्रेरित हुए. उन्होंने कहा कि मुझे जब भी जरूरत पड़ी उन्होंने मेरे लिए संदेश भेजे. वह परिणाम से खुश थे. ईमानदारी से कहूं तो सचिन का टीम में नहीं होना मुश्किल भरा है. इसके अलावा रोहित शर्मा और मुनफ पटेल भी टीम में नहीं हैं. तेंदुलकर पांव की उंगलियों में चोट के कारण टूर्नामेंट में नहीं खेल रहे हैं. वहीं चेन्नई सुपरकिंग्स के बल्लेबाज सुरेश रैना ने कहा कि उनकी टीम आखिरी क्षणों में शिकंजा कसने में नाकाम रही. चेन्नई सुपरकिंग्स की यह इस साल अपने मैदान पर लगातार आठ जीत के बाद पहली हार है.

रैना ने हालांकि उम्मीद जताई कि उनकी टीम बाकी मैचों में वापसी करने में सफल रहेगी. रैना ने कहा कि यह आत्ममुग्धता का मामला नहीं है क्योंकि हम जानते हैं कि आखिरी गेंद पडऩे तक मैच नहीं जीता जा सकता है. लेकिन हमारा निश्चित तौर पर यह मानना है कि जब हमने कीरोन पोलार्ड को आउट किया तो मैच पर हमारी पकड़ मजबूत थी. हमें अच्छी गेंदबाजी और बेहतर क्षेत्ररक्षण करना चाहिए था. लेकिन क्रिकेट में ऐसा होता है और हम वापसी पर ध्यान दे रहे हैं.

उन्होंने मुंबई की तरफ से नाबाद 37 रन की धमाकेदार पारी खेलने वाले लसिथ मालिंगा की भी तारीफ की. रैना ने कहा कि मालिंगा ने बेहतरीन पारी खेली और हम सही लाइन और लेंथ से गेंद करने के अलावा कुछ नहीं कर सकते थे.

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