nepalकाठमांडू,  संविधान लागू करने के साथ ही संसद के बाहर और राज्य में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। नया बानेश्वर में संविधानसभा कक्ष पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। नेपाल के राष्ट्रपति राम बरन यादव नया संविधान लागू करने की प्रक्रिया का उद्घाटन किया।

विरोध के चलते अब तक नेपाल में कई लोगों की मौत हो चुकी है, यहां तक की संविधान लागू होने से पहले तक प्रदर्शनों का दौर जारी था और इसमें एक व्यक्ति की मौत हो चुकी थी। नया संविधान लागू होने के साथ ही नेपाल सात प्रांतों के साथ एक धर्मनिरपेक्ष, संघीय गणराज्य भी बन गया है। संविधान के तहत दो सदन होंगे जिसमें निचले सदन में 375 सदस्य होंगे वहीं उपरी सदन में 60 सदस्य होंगे। संविधान में 37 खंड, 304 अनुच्छेद और 7 अनुलग्नक होंगे। एक उच्च स्तरीय आयोग एक साल के अंदर सात प्रांतों को अंतिम रूप देगा।
संविधानसभा के कुल 601 सदस्यों के 85 प्रतिशत ने नए संविधान का अनुमोदन किया। मालूम हो कि इस संविधान का खासतौर पर विरोध यहां के मधेशी समुदाय द्वारा किया जा रहा था। समुदाय का आरोप था कि संविधान में उनके अधिकारों की कटौती की गई है।

नेपाल में कई साल के सियासी कशमकश और मशक्कत के बाद तैयार नया संविधान लागू किया गया है। इस संविधान से नेपाल सात प्रांतों के साथ एक धर्मनिरपेक्ष, संघीय गणराज्य बन जाएगा। नए संविधान के तहत दो सदनीय संसद का प्रावधान किया गया है। संसद के निचले सदन में 375 सदस्य होंगे जबकि उपरी सदन में 60 सदस्य होंगे। संविधान में 37 खंड, 304 अनुच्छेद और 7 अनुलग्नक होंगे। एक उच्च स्तरीय आयोग एक साल के अंदर सात प्रांतों को अंतिम रूप देगा। मध्य नेपाल एवं पूर्वी नेपाल के साथ ही पर्वतीय जिलों में लोग अपना संविधान पाने का जश्न मना रहे हैं। 67 साल के लंबे लोकतांत्रिक संघर्ष के बाद उन्हें यह संविधान मिल रहा है।

Related Posts: