बेहतर उपचार के लिए सरकार ने बनाई कार्ययोजना

आनंद शर्मा
नवभारत न्यूज भोपाल,

साल 2018 में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के चलते मरीजों को अच्छा इलाज मिलने की संभावना है. सरकार ने इसका पूरा रोड मैप तैयार किया है. प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिये समता, आस्था, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य शिविर, महिला स्वास्थ्य शिविर, दस्तक अभियान, निरोगी काया अभियान आदि के माध्यम से बेहतर उपचार के लिये कार्य किया जा रहा है.

2000 नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किये गये हैं, जो कि किराये के भवनों में संचालित हो रहे हैं. स्वास्थ्य संस्थाओं में बिस्तरों की संख्या लगभग 5 गुना बढ़कर 42 हजार 659 तक पहुंच गई है. वर्ष 2017 में चयनित 726 चिकित्सकों में 583 की पदस्थापना की जा चुकी है.

प्रदेश के 143 चिकित्सक विहीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है. जिलों में संस्था स्तर तक औषधियां तथा सामग्री की स्टाफ उपलब्धता पोर्टल पर है. अक्टूबर 2017 से चिकित्सकों की नियुक्ति की जा रही है. अब तक लगभग डेढ़ सौ से ज्यादा नवीन चिकित्सकों की पदस्थापना कर दी गई है.

सघन मिशन इंद्र धनुष अभियान-2017-18 सरकार द्वारा 4 चरणों में चलाया जा रहा है. इसके तहत जिन बच्चों को टीकाकरण नहीं हो पाया है या छूट गये हैं उनका टीकाकरण किया जा रहा है. आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिये शासकीय अस्पतालों में महंगा इलाज सस्ता एवं नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है, जो भविष्य के लिये अच्छा संकेत है.

जिला अस्पतालों में नि:शुल्क कीमोथैरेपी कैंसर पीडि़तों के लिये की जा रही है साथ ही गरीबी रेखा के नीचे के मरीजों के लिये नि:शुल्क डायलिसिस की व्यवस्था की गई है. आने वाले साल में प्रदेश में व्यापक तौर पर व्यवस्था करने का लक्ष्य है. चिकित्सालयों में मेटरनिटी ङ्क्षवग की स्थापना कर मातृ-शिशु स्वास्थ्य की बेहतर व्यवस्था के प्रयास किये जा रहे हैं.

प्रदेश के 7 जिला चिकित्सालयों और 5 चिकित्सा महाविद्यालयों में बाल्य रोग गहन चिकित्सा इकाई और 5 चिकित्सा महाविद्यालयों में आब्स्टेट्रिक गहन चिकित्सा इकाई कार्यरत्ï है और इसे प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा जिला चिकित्सालयों में स्थापित करने का लक्ष्य है.

मरीजों को नि:शुल्क परामर्श एवं जांच सुविधा हेतु सभी जिला चिकित्सालयों में स्वास्थ्य केंद्र बनाये गये हैं. सभी जिला चिकित्सालयों में स्वास्थ्य संवाद केंद्र बनाये गये हैं. सभी जिला चिकित्सालयों में नि:शुल्क दवा वितरण, नि:शुल्क जांच, भर्ती मरीजों को नि:शुल्क भोजन आदि की व्यवस्था की गई है.

राजधानी में स्वास्थ्य सेवाएं

प्रदेश की राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से कई सरकारी अस्पताल लगभग 11 गैस राहत अस्पताल, सरकारी, गैर सरकारी, कई मेडिकल कॉलेज एवं निजी अस्पताल मौजूद हैं. इन अस्पतालों में सबसे महत्वपूर्ण एम्स, हमीदिया, बीएमएचआरसी एवं जेपी अस्पताल मुख्य हैं.

आने वाले साल में स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाओं के लिये राजधानी के अस्पतालों में कई कार्य किये जा रहे हैं. हमदिया अस्पताल में नई बिल्डिंग्स निर्माणाधीन है, जो जल्द तैयार हो जायेगी, जिसमें मुख्यत: बोनमेरो ट्रांसप्लांट की इकाई स्थापित की जायेगी, जो कि प्रदेश भर में पहली इकाई होगी.

साथ ही कमला नेहरू अस्पताल में भी बोनमेरो ट्रांसप्लांट की छोटी इकाई स्थापित होगी. नई बिल्डिंग्स में विभिन्न प्रकार की जांच, सीटी स्केन, ओपीडी इत्यादि का निर्माण किया जा रहा है.राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कई प्रकार की आधुनिक तकनीकों का समावेश किया जा रहा है, जिससे कि आने वाले दिनों में मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके.

इसी कड़ी में पिछले दिनों आर्गन ट्रांसप्लांट एवं डोनेशन संबंधित आधुनिक तकनीक फ्रांस से आये डॉक्टर्स के डेलीगेशन के साथ एम्स के डॉक्टर्स ने साझा की. वहीं पिछले दिनों बायोकेमेस्ट्री विभाग ने अमेरिका से आये डॉ. थॉमस ब्रीज के साथ बायोकेमेस्ट्री से किस प्रकार रोगों को पहचाना जा सकता है, पर तकनीक साझा की. इसी प्रकार राजधानी के अन्य अस्पतालों में भी आने वाले सालों में बेहतर इलाज के लिये कई कार्य किये गये.

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