अतिथि शिक्षिका ने रास्ते में ही तोड़ा दम, पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी

नवभारत न्यूज खंडवा,

जिले के हरसूद में एक अतिथि टीचर को गोली मार दी। उसकी मौत हो गई। महिला हरसूद के पॉलिटेक्निक कॉलेज में अतिथि लेक्चरर थी। खंडवा से हरसूद पढ़ाने जाती थी। घटना सोमवार सुबह लगभग 10 बजे की है।

उस वक्त महिला नया हरसूद छनेरा रेलवे स्टेशन से बाहर निकल रही थी। अतिथि टीचरों के साथ कॉलेज की तरफ पैदल बढऩे लगी। मोटरसाइकिल सवार नकाबपोश बदमाश ने उसे पकड़ कर नीचे गिराया। गोली मारकर भाग गया।

ऐसे दिया अंजाम

एक व्यक्ति ने सुबह 9 से साढ़े 9 बजे के बीच अतिथि व्याख्याताओं को रोका और पूछा कीर्ति बाला कौन है और जैसे ही उसे कीर्ति बाला की पहचान हुई उसने उसके सिर पर गोली मार दी। गोली चलाने वाला व्यक्ति मोटर साइकल लेकर घटना को अंजाम देने के लिए पहले से ही घात लगाकर बैठा था। साथी शिक्षक सोनू पाटीदार, अमिता बनोरिया, अमित अटनेरिया ने बताया कि हत्यारे के मुंह पर रूमाल बंधा हुआ था। साथी शिक्षकों ने ही 108 एवं डायल 100 को फोन कर सूचना दी।

रास्ते में ही मौत

महिला के साथियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। 108 एंबुलेंस से उसे अस्पताल ले जाया गया। रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। कीर्तिबाला माली नाम की यह महिला खंडवा के रामनगर में रहती थी। हरसूद पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ाने जाती थी।

कुछ साल पहले उसकी शादी सेना के जवान के साथ हुई थी। दोनों के बीच विवाद होने के कारण अलग रह रहे थे। परिजनों ने इसके पति पर हत्या का आरोप लगाया। पति के साथ इसका पारिवारिक विवाद चल रहा है। धारा 498 और घरेलू हिंसा का मामला भी विचाराधीन है।

पति पर आरोप

परिजनों ने आरोप लगाया कि उसका पति सेना में है। वह कई बार इस महिला को और परिजनों को धमकी दे चुका था। पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों और मौके से सबूत जुटाए हैं। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। आरोपी कौन है? पुलिस ने यह भी स्पष्ट नहीं किया। परिजनों प्रत्याक्षियों और मौके से उठाए सबूतों के आधार पर पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।

बनी विवाद की स्थिति

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि 108 से जब घायल कीर्ति बाला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे तो वहां मौजूद महिला चिकित्सक डॉ नीलम मिश्रा ने तत्परता ना दिखाते हुए इलाज में आना-कानी की। जिससे विवाद की स्थिति बन गई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गोली से घायल शिक्षक को जब 108 से ही लेकर अस्पताल पहुंचे तो फिर पुलिस को सूचना देने एवं अन्य कार्रवाई की क्या आवश्यकता थी। जिसके कारण ईलाज में बिलंब होने पर वहां मौजूद साथी शिक्षकों एवं अन्य लोगों ने डॉक्टरों के प्रति नाराजगी जताई।

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