भक्तों ने नर्मदाजी के पवित्र जल में सवा लाख दीप छोड़े

नवभारत न्यूज बड़वानी,

शहर सहित क्षेत्र में मां नर्मदा की जयंति धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर दिनभर नर्मदे हर… और नमामी देवी नर्मदे… के जयघोष गूंजायमान हुुए। मां रेवा के तटों पर चुनरी अर्पण, दुग्धाभिषेक, प्रसादी भंडारों सहित पूजा-अर्चना के आयोजन हुए। वहीं शहर में नार्मदीय ब्राह्मण समाज की शोभायात्रा निकाली।

समीपस्थ राजघाट स्थित रोहिणी तीर्थ पर बुधवार सुबह 108 श्रीराम बाबा के सानिध्य में महर्षि उत्तम स्वामीजी द्वारा मां नर्मदा का अभिषेक, पूजन व आरती की गई। इसके साथ ही 1500 मीटर विशाल चुनरी अर्पण की गई। साथ ही 51 लीटर दुध से अभिषेक किया।

नाव द्वारा राजघाट से चिखल्दा तट तक पहुंचे। रोहिणी तीर्थ पर मां नर्मदा सेवा ट्रस्ट, मां नर्मदा गरबा मंडल, मां नर्मदा आरती समिति व नर्मदा भक्त मंडल रोहिणी तीर्थ के तत्वावधन में श्रीमद् भागवत कथा जारी है।

इसमें उत्तम स्वामीजी प्रतिदिन विभिन्न प्रसंगों पर भक्तों को कथा श्रवण करा रहे है। बुधवार सुबह 10 बजे चुनरी अर्पण पश्चात् कथा श्रवण कराया। इस मौके पर कृष्ण जन्मोत्सव भी मनाया गया। दोपहर 1 बजे बाद प्रसादी भंडारे में प्रसादी वितरित की गई। सायंकाल कांकड़ आरती और 501 दीपकों का दान किया गया।

इसी तरह नर्मदा जयंति पर राजघाट स्थित आनंद आश्रम मे स्वामी ज्ञानानंदजी द्वारा 1151 मीटर चुनरी मां नर्मदा को अर्पण की। साथ ही दुग्धाभिषेक कर प्रसादी वितरित की गई।

यहां भी हुए आयोजन- शहर की नर्मदा कान्वेंट स्कूल में विद्यार्थियों ने मां नर्मदा के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। शिक्षक विक्रम डोडवे, अनिल धनगर ने मां नर्मदा की पवित्रता पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा के मात्र दर्शन से पाप धुल जाते है। नर्मदा को प्रदूषण से बचाने व परित्रता बनाए रखने हेतु विद्यार्थियों को संकल्प दिलाया।

ग्राम बिजासन में ग्रामीणों ने संगीतमय कलश शोभायात्रा निकाली और नर्मदा तट पहुंचकर 600 मीटर चुनरी अर्पण की। ग्राम के श्याम केवट ने सवा क्ंिव. फूल उपलब्ध करवाए। दोपहर में प्रसादी भंडारे में ग्रामीणों ने प्रसादी ग्रहण की।

नर्मदा तट स्थित मां नर्मदा अटल आश्रम घोंघासा में भी नर्मदा जयंति पर विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। नर्मदा भक्त अजयसिंह ठाकुर ने बताया कि सुबह नर्मदा पूजन हुआ। पश्चात् आरती की गई। दोपहर में प्रसादी भंडारे का आयोजन हुआ। इसमें ग्राम सहित आसपास के वनांचल के ग्रामीणों ने प्रसादी ग्रहण की।

 

कांकड़ा आरती

ओंकारेश्वर. मां नर्मदा जन्मोत्सव के पावन पर्व पर बुधवार को सायंकाल सभी घाटों पर मां नर्मदाजी की पूजा.अर्चना हुई । विद्वान पंडितों के द्वारा वेद मंत्रोच्चार के साथ नर्मदा मैया की पूजा अभिषेक आरती संपन्न कराई गई । सायं काल भक्तों ने नर्मदाजी के पवित्र जल में दीप दान किए,सवा लाख दीपक छोड़े गए पूजा अर्चना के बाद आतिशबाजी छोड़ी गई । नदी के दोनों तटों पर काकडे प्रज्वलित किए गए, महाकाकड़ा आरती देखने के लिए हजारों श्रद्धालु दोनों तटों पर खड़े होकर महा आरती का आनंद ले रहे थे.
ऐसा लग रहा था मानो देवतागण विंध्य पर्वत और सतपुड़ा पर्वत पर खड़े होकर कलयुग की गंगा मां नर्मदा की आरती उतार रहे हो। पंडित कमल किशोर नागर ने भजन प्रस्तुत किया मां नर्मदा तू है कलयुग की गंगा दर्शन से तेरे मन हो जाए चंगा…।