मुख्यमंत्री ने की नर्मदा सेवा मिशन की समीक्षा

भोपाल,

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को मंत्रालय में नर्मदा सेवा मिशन अंतर्गत रोपे गए पौधों की गर्मी के मौसम में समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 15 मई को नर्मदा सेवा को लेकर बनाई गई समितियों का सम्मलेन बुलाने की बात कही.

एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों को लेकर आयोजित करने के साथ 8 मई को बैठक बुलाई है, जिसमें चर्चा होगी. इस अवसर पर मुख्य सचिव बीपी सिंह, जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष प्रदीप पाण्डे और राघवेन्द्र गौतम, अपर मुख्य सचिव वन दीपक खांडेकर, अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास इकबाल सिंह बैस, अपर मुख्य सचिव नर्मदा घाटी रजनीश वैश्य सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 मई को होने वाले सम्मलेन में नागरिकों को नर्मदा सेवा मिशन के कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट दी जाए. लोगों को नर्मदा की स्थिति और परिस्थिति में आये सकारात्मक परिवर्तन की जानकारी दें. इस मौके पर बताया गया कि नर्मदा नदी के किनारे स्थित 11 औद्योगिक इकाईयों से होने वाले प्रदूषण पर पूरी तरह से रोक लग गयी है, अब इन इकाईयों से किसी प्रकार का प्रदूषित जल नर्मदा में नहीं मिल रहा है. नर्मदा जल की गुणवत्ता की लगातार 50 स्थानों पर निगरानी की जा रही है.

30 जून तक गांव हो जाएंगे खुले में शौच से मुक्त

बैठक में सामने आया कि नदी के संरक्षण के लिये 20 नगरीय निकायों में सीवरेज परियोजना प्रस्तावित हैं, इनमें 7 नगरीय निकायों में कार्य प्रगति पर है, जिनमें नेमावर, बुधनी, शाहगंज, मण्डलेश्वर, अमरकंटक, डिण्डौरी एवं जबलपुर शामिल हैं. नदी के किनारे के सभी गांव 30 जून तक खुले में शौच से मुक्त हो जाएंगे.

पौधों को बचाना सबसे बड़ी चुनौती

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती नर्मदा किनारे रोपित पौधों को बचाने की है. उन्होंने कहा कि आम लोगों, किसानों और नर्मदा सेवा समितियों की जागरूकता और सजगता से 90 प्रतिशत पौधे जीवित अवस्था में है. उन्होंने कहा कि अपने खेतों में फलदार पौधे रोपने वाले किसानों को शेष प्रोत्साहन राशि का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करें.

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