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भोपाल. राजधानी में नर्सों की हड़ताल का असर हमीदिया अस्पताल में नजर आया. अन्य अस्पतालों में व्यवस्थाएं सामान्य रहीं. इमरजेंसी ऑपरेशन नहीं टाले गए.

थोडी दिक्कत ऑपरेशन, आईसीयू, इमरजेंसी वार्ड, बर्न यूनिट में नजर आई. उसकी वजह यहां प्रशिक्षित नर्सो की मौजूदगी नहीं होना रही. नर्सेस एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष मंजू मेश्राम ने बताया कि शासन ने हमारी मांगें नहीं मानी तो 16 नवंबर से नर्सें बेमियादी हड़ताल पर चली जाएंगी.

वहीं एक दिवसीय हड़ताल पर सुल्तानिया अस्पताल से अधिक नर्से शामिल नहीं हुई हैं. हमीदिया में व्यवस्था चरमरा गई हैण् यहां पर होने वाले 10 से 12 आपरेशन टाले गए हैं. 18 प्रशिक्षु नर्सों ने काम सम्हाला है.

यह हैं मांगे : नर्सेस के भर्ती नियम अलग- अलग बनाए जाएं, जिससे समयमान वेतनमान का फायदा स्वास्थ्य विभाग की सभी नर्सेस को मिल सके. स्वशासी में पदस्थ नर्सेस को 3.4 अग्रिम इंक्रीमेंट मिले. नर्सेस को ग्रेड 2 का दर्जा अन्य प्रदेशों की तरह दिया जाए. 27 दिसंबर 2010 को सामूहिक अवकाश व 2.5 दिसंबर 2011 तक हड़ताल पर रहीं नर्सेस की वेतन कटौती वापस की जाए. स्वशासी में 2007 से नियुक्त स्टाफ नर्स कापीएफ भी शासन के नियमों के अनुसार काटा जाए. नर्सिंग स्टूडेंट को इंटर्नशिप में मूल वेतन 4500 रूपये और ग्रेड पे दिया जाए. नर्सिंग एसोसिएशन मप्र को सरकारी मान्यता दी जाए.

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