मध्यप्रदेश में न सिर्फ प्याज, टमाटर और आलू का बम्पर उत्पादन समस्या पैदा कर रहा है बल्कि यह समस्या अनाजों गेहूं, दालों, चना आदि में भी आ गई है. बम्पर उत्पादन में प्याज, टमाटर व आलू या तो किसान लागत मूल्य तक न मिलने या सरकार प्याज सड़ जाने के कारण उसे खरीद कर फेंकती है.

इस समय मंडियों में दालों का बम्पर उत्पादन आ गया है और समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह को इससे अवगत करा बड़ी राहत प्राप्त कर ली. केन्द्रीय कृषि मंत्री ने फौरन यह आदेश दे दिया है कि आगामी 10 अप्रैल से नाबार्ड मध्यप्रदेश में चना, मसूर, सरसों की सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी करेगा.

मंडियों में फसलों के आंकलन के लिए सर्वेयर भी नियुक्त किये जाएंगे साथ ही यह आदेश भी जारी हो गया है कि प्रतिदिन 25 हजार टन की बिक्री सीमा भी खत्म कर दी गई है. अब किसानों से इससे भी ज्यादा मात्रा में अनाज-दालें खरीदी जा सकेंगी.

श्री चौहान ने कहा कि राज्य में दाल उत्पादन बढ़ाने के लिये सघन प्रयास किये गये, लेकिन बम्पर उत्पादन पर सही मूल्य न मिलने से किसानों को बहुत नुकसान होता है.

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