मुरैना,  कुदरती बर्बादी की मार झेल रहे अन्नदाता पर सोमवार को ओलावृष्टि के रूप में वज्रपात हुआ तो उनका गुस्सा फूट गया. मंगलवार को बर्बाद फसलों के साथ किसान सड़कों पर उतर आए. पोरसा से मुरैना तक कई जगह बर्बाद फसलें सड़कों पर बिछाकर किसानों ने चक्काजाम कर दिया.

सोमवार को अंचल में मौसम ने करवट बदली. बारिश के साथ पोरसा से लेकर जौरा तहसील तक तकरीबन एक सैकड़ा गांवों में बेर और नींबू के आकार के ओले गिरे.

तकरीबन 20 मिनट की ओलावृष्टि से खेतों में लगभग पककर तैयार गेंहू एवं सरसों की फसलें बिछ गई. टमाटर, बैंगन सहित अन्य सब्जियों मेें भी भारी नुकसान हुआ. मंगलवार की सुबह किसानों ने खेतों पर पहुंचकर जब बर्बादी का भयावह मंजर देखा तो उनका गुस्सा फूट गया. पोरसा क्षेत्र में बुधारा, गढिय़ा पर किसानों ने नष्ट हुई फसलों के साथ स्टेट हाईवे को जाम कर दिया. इसी मार्ग पर दिमनी और खुर्द में भी किसान सड़क पर पहुंचें और चक्काजाम
कर दिया.

उनके द्वारा फसलों मेें हुए नुकसान का शीघ्र आंकलन किए जाने की मांग की जा रही थी. किसानों के गुस्से से कई घंटे तक स्टेट हाईवे पर यातायात बाधित रहा. मौके पर पहुंचें पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने जद्दोजहद के बाद उन्हें शांत कर रास्ते से हटाया.

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