mp1उज्जैन,   केन्द्र और प्रदेश सरकार के रवैए से नाराज साधु-संतों को आखिर शुक्रवार को भीख मांगने के लिए सड़क पर उतरना ही पड़ा. एक और संत समाज सिंहस्थ-2016 की सफल कामना के लिए यज्ञ, हवन आदि कर रहा है वहीं सरकार के रवैए से संत समाज भी खासा नाराज है. जहां इसका असर शहर में दिखाई देने लगा है वहीं शुक्रवार को हुई इस घटना से प्रशासन भी सतर्क हो गया है.

एक तरफ अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के वर्चस्व को लेकर घमासान की आशंका है तो दूसरी तरफ अब संत सड़कों पर उतर आए हैं. यही हाल रहा तो लगता है कि वह दिन दूर नहीं जब संत और अधिकारी आमने-सामने हो जाएं.
सिंहस्थ की सफलता को लेकर संत समाज उत्साहित होकर यज्ञ, हवन आदि तो कर रहा है लेकिन सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैए से भी खासा नाराज है. नवभारत से चर्चा में अखिल भारतीय अभा अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेन्द्रगिरी जी का कहना था कि सरकार काम तो कर रही है लेकिन अभी भी कामों के समय पूर्व पूर्ण हो जाने में संदेह ही है.

इधर ज्ञानदास महाराज ने तो सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने अश्लील पृष्ठभूमि वाले संतों को मेला क्षेत्र में जगह दी तो लाठियां चल जाएंगी. आपने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्नान के लिए शिप्रा में जल निर्मल हो और सिंहस्थ के सभी काम समय पर पूर्ण हो जाएं अन्यथा ठीक नहीं होगा. संतों का कहना था कि करोड़ों के निर्माण कार्य जरूर शहर में कराए जा रहे हैं लेकिन संतों की इसमें राय नहीं ली जा रही. शिप्रा में आज भी गंदे नाले मिल रहे हैं और यही सबकुछ चलता रहा तो लगता है कि सिंहस्थ में भी मिलते रहेंगे.

21 अप्रैल से शहर में सिंहस्थ 2016 का आगाज होने वाला है, प्रदेश सरकार खुद दावा करती है कि इस वर्ष सिंहस्थ में विश्व भर से साधु-संतों के साथ लगभग 5 करोड़ लोगों की शहर आने की संभावना है. करोड़ों रुपये खर्च कर मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ केलिए निर्माण कार्य करवा रही है लेकिन जिन साधु-संतों के लिए यह सिंहस्थ हो रहा है जो बेहद नाराज हैं, आये दिन साधु समाज विरोध करता नजर आता है. मुख्य रूप से शिप्रा में मिलते गंदे नालों से दूषित होती नदी अभी तक अधुरे पड़े निर्माण कार्य और संत समाज की उपेक्षा से संत बेहद नाराज है.

इन्ही सब नाराजी के चलते अखिल भारतीय ष्टदर्शन साधु समाज के साधुओं ने महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा के नेतृत्व में हजारों साधु दिल्ली के जंतर मंतर पर 23 फरवरी से राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ अनिश्चित कालीन धरना आन्दोलन करेंगे. इस धरने में आने वाले खर्च के लिए शुक्रवार को साधु समाज ने शहर में भिक्षा मांगी.

इस राशि से साधु समाज दिल्ली के जंतर मंतर पर होने वाले आन्दोलन में खर्च करेगा. आन्दोलन के आयोजक कंप्यूटर बाबा ने सिंहस्थ के लिए शहर में काम कर रहे अधिकारियों पर लापरवाही के कई आरोप लगाए हैं.

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