नयी दिल्ली,  अरविंद केजरीवाल के पूर्व सहयोगी योगेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री पर अहंकारी और कुर्सी का लालची होने का आरोप लगाते हुये मांग की है कि यदि आम आदमी पार्टी (आप) दिल्ली नगर निगम के चुनाव में आधी सीटें जीतने में सफल नहीं होती है तो दिल्ली सरकार को इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव कराने चाहिये।

आप से निष्कासित होने के बाद स्वराज इंडिया का गठन करने वाले श्री यादव ने आज श्री केजरीवाल को एक पत्र लिखा है और उसमें कहा है कि यदि आप पार्टी दिल्ली विधानसभा में 137 (50 प्रतिशत) वार्डों पर विजय प्राप्त करने में नाकाम रहती है, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर दोबारा जनता का विश्वास हासिल करना चाहिये। स्वराज इंडिया भी तीनों निगमों के सभी 272 वार्डो पर चुनाव लड़ रही है।

पत्र में श्री यादव ने लिखा है दो साल पहले दिल्ली ने जो ऐतिहासिक जनादेश दिया था वह किसी एक नेता या पार्टी का करिश्मा नहीं था। उसके पीछे हजारों वालियंटर का त्याग और उनकी तपस्या थी। लेकिन इस करिश्में का सबसे बड़ा कारण था दिल्ली की जनता का आत्मबल। जन लोकपाल आंदोलन ने दिल्ली के लाखों नागरिकों को यह भरोसा दिलाया कि वह बेचारे नहीं है।

वह नेताओं , पार्टियों और सरकारों से ज्यादा ताकतवर हैं। स्वराज इंडिया के प्रमुख ने लिखा है,“ आज मैं उस आत्मबल को डगमगाते हुये देख रहा हूं। इसलिये पिछले दो साल में पहली बार आप से संवाद कर रहा हूं और आप को रामलीला मैदान में किये “ रिकाॅल” के वादे की याद दिला रहा हूं। निगमों में पार्टी के चुनाव प्रचार के दौरान मुझे दिल्ली के कोने -कोने में जाने का मौका मिला।

राजधानी में चारों तरफ कूड़े के ढ़ेर, गंदा पानी रूका हुआ है। बदबूदार और स्वास्थ्य के लिये खतरनाक हवा है।” दिल्ली में पिछले दस साल से एमसीडी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य कर रही है और इसकी पहली जिम्मेदारी है कि वह इस काम को करे। लेकिन भाजपा बड़ी बेसर्मी से चुनाव में खड़ी है।

बहुत से ऐसे मतदाता हैं जिन्होंने 2015 में ऐतिहासिक बदलाव के लिये वोट दिया था,लेकिन निगम चुनाव में थक हार के फिर भाजपा के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं। मैं काफी दिनों से यह सोच रहा हूं कि निकम्मी और भ्रष्ट एमसीडी प्रशासन करने वाली भाजपा को चुनाव में खड़े होने का मौका देने के लिये कौन जिम्मेदार है।

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