trainनई दिल्ली, 14 जून. भारतीय रेलवे में एक बड़ा बदलाव हो सकता है। रेलवे की कायाकल्प करने के लिए सलाह देने वाली कमेटी ने पैसेंजर ट्रेनें प्राईवेट कंपनियों को चलाने की अनुमति की सिफारिश की है। इस पैनल ने पहले मालगाडियों को प्राईवेट कंपनियों को चलाने की अनुमति की बात कही थी। लेकिन अब पैसेंजर ट्रेनें चलाने की अनुमति की सिफारिश की है।

नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबरॉय की अध्यक्षता वाले इस पैनल ने रेलवे के ऑपरेश और मेंटेंनेस के लिए प्राइवटे कंपनियों को लाए जाने की सिफारिश की है और साथ ही रेलवे के जीर्णोद्धार के लिए बाहर से टैलेंटेड लोगों को लाने की भी सिफारिश की गई है। नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा गठित किया गया देबरॉय पैनल ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है। जल्द ही इसे सरकार के सामने पेश किया जाएगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी सरकार आने वाले दिनों में इस पर अमल कर सकती है। जो प्रमुख सिफारिशें की गई हैं, उनमें रेलवे फंक्शंस के कमर्शल अकाउंटिग की तरफ मुडऩा, रेलवे प्रॉडक्शन यूनिट्स का कॉर्पोरेटाइजेशन शामिल है।

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