नयी दिल्ली,  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने आज कहा कि निजता पर उच्चतम न्यायालय के फैसले से ‘लोगों की निजी जिंदगी में ताकझांक कर रही’ मोदी सरकार बाज आएगी और उसे एहसास होगा कि इस तरह के मामलों में उसकी मनमानी नहीं चल सकती, श्री तिवारी ने समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) के मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ के फैसले को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह 1973 में केशवानंद भारती मामले में आए फैसले जैसा ही महत्वपूर्ण है।

उस फैसले से लोकतंत्र मजबूत हुआ था और इस फैसले का भी वही असर होगा। इससे कोई सरकार नागरिकों की निजता में कोई हस्तक्षेप नहीं कर पाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अपने अब तक के 39 माह के कार्यकाल के दौरान लोगों की आजादी पर कुठाराघात करती रही है। यह सरकार एकाधिकारवादी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास ही सारी शक्तियां सीमित हो गयी हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों की आजादी पर अंकुश लगाने के लिए भाजपा सरकारें ‘मोरल पोलिसिंग’ कर रही हैं। ‘रोमियो स्क्वैड’ बनाए गए हैं।

लोग क्या पहने और क्या नहीं पहनें यह तय किया जा रहा है। फिल्म प्रमाणन बोर्ड मनमाने फैसले दे रहा है। लोगों में यह भी आशंका है कि जब चाहे सरकार उनकी निजी बात सुन रही है। श्री तिवारी ने उम्मीद जतायी कि मोदी सरकार न्यायालय के फैसले से आए संदेश को समझेगी और अब लोगों के किचन और बेडरूम में झांकना बंद करेगी तथा निजी स्तर पर होने वाली बातचीत को रिकार्ड नहीं करेगी। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय की नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा है कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकारों की श्रेणी में आता है।

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