दूर हुई नाराजगी, नहीं संभाली थी डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी

अहमदाबाद,

गुजरात में सरकार गठन के बाद से नाराज चल रहे डेप्युटी सीएम नितिन पटेल को बीजेपी ने वित्त मंत्रालय जैसा अहम विभाग देकर मना लिया है.

राज्य सरकार में अहम मंत्रालय न मिलने के चलते नितिन पटेल नाराज चल रहे थे. इसी के चलते उन्होंने उप-मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी नहीं संभाली थी. गुजरात में 18 दिसंबर को चुनाव के नतीजे आए थे और 25 दिसंबर को नई सरकार के मुखिया विजय रूपाणी, डेप्युटी सीएम नितिन पटेल समेत अन्य कैबिनेट सहयोगियों ने शपथ ली थी.

पिछली सरकार में नितिन पटेल के पास शहरी विकास और वित्त जैसे अहम मंत्रालय थे, लेकिन इस बार वित्त विभाग खुद सीएम रूपाणी ने अपने पास रख लिया था. शहरी विकास, वित्त, पेट्रोकेमिकल्स, टाउन प्लानिंग जैसे विभाग ले लिए गए जो पिछली सरकार में उनके पास थे. उन्हें केवल रोड और बिल्डिंग तथा स्वास्थ्य विभाग दिया गया था. इस पर नितिन पटेल ने बीजेपी नेतृत्व को अल्टिमेटम दिया था.

हार्दिक ने दिया था न्योता

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां तक कि नितिन पटेल ने पार्टी को 48 घंटे का अल्टिमेटम तक दे दिया था. बीजेपी में आंतरिक कलह की खबरों के बाद पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने नितिन को 10 विधायकों के साथ बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल होने तक का न्योता दिया दे दिया था.

हार्दिक ने शनिवार को कहा था कि सभी पटेलों को नितिन का साथ देना चाहिए. अगर बीजेपी उनका सम्मान नहीं कर रही है तो उन्हें पार्टी छोड़ देनी चाहिए.

अमित शाह के फोन पर माने पटेल

नितिन पटेल की नाराजगी के बाद कांग्रेस सरकार में फूट की स्थिति में अपने लिए मौका देख रही थी. लेकिन, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के फोन के बाद नितिन पटेल माने और नई-नवेली सरकार पर उपजा संकट टल गया.

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