20a11भोपाल, 20 अप्रैल. महापौर आलोक शर्मा ने भोपाल के पार्षदों से कहा है कि नगर निगम सार्वजनिक जीवन की प्राथमिक शाला है और यहां से शासकीय संस्थान की कार्य प्रणाली एवं नियम प्रक्रिया की जानकारी तथा अनुभव अर्जित कर आगे का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है.

शर्मा ने पार्षदों का आह्वïान किया कि वे मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम का गंभीरतापूर्वक अध्ययन करें और नियम प्रक्रियाओं को समझते हुये जनसुविधा एवं विकास के कार्यों को नियमानुसार संपादित करायें ताकि आप अपने क्षेत्र में बेहतर उंग से नियत समयावधि में कार्य करा सकें एवं आमजन से आपके मधुर संबंध भी स्थापित हों. महापौर शर्मा ने उक्त विचार नगर निगम के पार्षदों को परिषद के कामकाज की प्रक्रिया सहित नगर निगम की कार्य पद्घतियों के संबंध में आयोजित प्रशिक्षण के प्रथम चरण के उद्ïघाटन सत्र को संबोधित करते हुये व्यक्त किये. प्रशिक्षण कार्यक्रम में पार्षदों को अधिनियम के अनुसार परिषद, निगम कामकाज संचालन की प्रक्रियाओं, जनसुविधा एवं विकास कार्यों के प्रस्ताव बनाने, नस्तियों का संधारण एवं तत्संबंधी संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी एवं पार्षदगण द्वारा किये गये प्रश्नों के उत्तर नगरीय प्रबंधन के विशेषज्ञ डॉ. एच.एम. मिश्रा, के.के. श्रीवास्तव, कस्तूरे व अपर आयुक्तद्वय चंद्रमौली शुक्ला व संजय कुमार ने दिये. इस दौरान निगम परिषद अध्यक्ष सुरजीत ङ्क्षसह चौहान ने भी अपने अनुभव साझा किये. प्रशिक्षण में महापौर परिषद के सदस्यगण, जोन अध्यक्ष एवं पार्षदगण मौजूद थे. प्रशिक्षण के द्वितीय चरण में बुधवार को समस्त पार्षदगण इंदौर प्रवास पर जायेंगे और नगर पालिक निगम इंदौर द्वारा इंदौर में किये जा रहे विकास कार्यों का अवलोकन करेंगे.

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