नयी दिल्ली,

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत निर्यातकों को अब तक 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिया जा चुका है और इसमें तेजी लाने के लिए 29 मार्च तक विशेष रिफंड अभियान चलाया जा रहा है।

केंद्रीय उत्पाद कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि निर्यातकों को रिफंड नहीं मिलने और उनकी फँसी पूँजी के बारे में मीडिया में लगातार अटकबाजियाँ चल रही हैं।उसने कहा मीडिया में आ रहे अधिकतर आँकड़े गलत हैं।

बोर्ड ने स्वीकार किया कि कई मामलों में निर्यातकों को रिफंड नहीं मिला है, लेकिन वहीं अन्य निर्यातकों को रिफंड दिया भी गया है।सरकार ने इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कई कदम उठायें हैं।नियमों में संशोधन किये गये हैं, पोर्टल में प्रक्रियात्मक बदलाव किये गये हैं।रिफंड दावों में गलतियों पर भी यह मानते हुये सख्ती नहीं बरती जा रही है कि ऐसा जीएसटी के बारे में कम जानकारी होने की वजह से हो रहा है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि अब तक 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के रिफंड निर्यातकों को दिये जा चुके हैं।इसके अलावा बोर्ड ने 15 मार्च से 29 मार्च तक विशेष रिफंड अभियान चलाया है जिसमें इस काम को गति देने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को लगाया गया है तथा बुनियादी ढाँचों का इस्तेमाल किया जा रहा है।देश भर में विशेष रिफंड प्रकोष्ठ बनाये गये हैं जिनमें अनुभवी कर्मचारियों की तैनाती की गयी है।

Related Posts: