गुडगांव,  वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यों से निवेश आकर्षित करने के लिए नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाने की अपील की. उन्होंने कहा कि सुधारों को बढ़ाएं वर्ना मिट जाओगे. जेटली ने कहा निवेशक नीतिगत फैसले के मामले में अक्षमता को पसंद नहीं करते. वे उस जगह जाना पसंद करते हैं जहां व्यापारिक और राजनीतिक परिवेश अनुकूल होता है.

जो बेहतर माहौल देंगे, वही राज्य आगे बढ़ेंगे-उन्होंने कहा कि जो राज्य सुधारों को आगे नहीं बढ़ाएंगे, उन राज्यों में लोगों को फायदा नहीं मिलेगा. जो राज्य निवेशकों के लिए ज्यादा अनुकूल आर्थिक, व्यवसायिक और राजनीतिक परिवेश उपलब्ध कराएंगे, निश्चित रूप से वही राज्य आगे बढ़ेंगे और जीत हासिल करेंगे. हरियाणा में वैश्विक निवेशक सम्मेलन ‘हैपनिंग इन हरियाणा इनवेस्टर समिटÓ का उद्घाटन करते हुए जेटली ने कहा कि सुधार करो नहीं तो मिट जाओगे, यह बात आज जितनी प्रासांगिक है उतनी कभी और नहीं हो सकती.

निवेश आकर्षित करने की प्रतिस्पर्धा-उन्होंने कहा कि भारत में सहकारी संघवाद के अलावा अब एक प्रतिस्पर्धी संघवाद की स्थिति बन गई है. भविष्य प्रतिस्पर्धी संघवाद का होगा क्योंकि यह केंद्र-राज्य संबंध का मामला नहीं है, बल्कि निवेश आकर्षित करने को लेकर राज्यों बीच आपसी प्रतिस्पर्धा का विषय है.
‘हैपनिंग हरियाणाÓ वैश्विक निवेशक सम्मेलन में देश विदेश से जुटे निवेशकों को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि भारत में अब इस तरह के निवेशक सम्मेलन आयोजित करने वाले राज्यों की संख्या उत्तरोत्तर बढ रही है.
बजट में विनिर्माण और रीयल एस्टेट क्षेत्रों के लिए कई कदमों की घोषणा करने वाले जेटली ने कहा कि अगर नीतिगत निर्णय को लेकर जड़ता का माहौल है और नीतियों में सुधार नहीं हो रहा है, निवेशक वहां निवेश करने को लेकर उत्साहित नहीं होते. उन्होंने कहा कि हरियाणा में व्यापक कृषि आधार के साथ मिश्रित अर्थव्यवस्था है. राज्य ने पिछले 30-40 सालों में अपने आप को विनिर्माण वाले राज्य के रूप में बदला है.

जेटली ने कहा कि हरियाणा तेजी से एक महत्वपूर्ण सेवा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के तौर पर बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के बाहरी इलाकों में स्थित इन 13 जिलों में काफी महत्वपूर्ण नेटवर्क है. इससे रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाने में मदद मिली है.

जाट आरक्षण के मुद्दे पर जेटली ने कहा कि काले बादल छंट गए हैं और राज्य ने अपनी मजबूती का एहसास कराया है. परिवहन बुनियादी ढांचे में और सुधार की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी यातायात के कारण सम्मेलन में 20 मिनट की देरी से पहुंचे.

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