Supreme-Courtनयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय की दो-सदस्यीय पीठ के एक न्यायाधीश ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) के संबंध में केंद्र के अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई से अाज खुद को अलग कर लिया। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. आनंद रॉय की याचिका न्यायमूर्ति अनिल आर दवे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थी, लेकिन ऐन वक्त पर न्यायमूर्ति राव ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।

डॉ. रॉय ने ही मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) में घोटाले को उजागर किया था। शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 14 जुलाई की तारीख मुकर्रर की है। उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में अंडर-ग्रेजुएट मेडिकल पाठ्यक्रमों (एमबीबीएस एवं बीडीएस) में प्रवेश के लिए नीट को एक मात्र जरिया बताया था, लेकिन केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर मौजूद सत्र के लिए नीट की अनिवार्यता समाप्त कर दी थी, जिसे याचिकाकर्ता ने चुनौती दी है। याचिकाकर्ता ने अध्यादेश को निरस्त करने की मांग की है तथा इस मसले पर केंद्र के रवैये पर भी सवाल खड़े किये हैं।

Related Posts: