mp1बड़वानी,  नैत्र शिविर पश्चात् जिला अस्पताल में हुए नैत्र ऑपरेशन फेल होने के बाद यह नैत्र कांड अब स्वास्थ्य विभाग के गले की फांस बनता जा रहा है। इंदौर-भोपाल से लेकर दिल्ली तक इसकी गूंज पहुंच गई है। लगातार तीन दिनों से जिला अस्पताल में जांच दलों का जमावड़ा लग रहा है। प्रतिदिन विभिन्न स्थानों के जांच दल व उच्चाधिकारी यहां पहुंचकर नैत्र कांड की जांच-पड़ताल कर रहे है।

लेकर इसी तारतम्य में सोमवार को केंद्रीय जांच दल यहां पहुंचेगा। जिला अस्पताल में नेत्र रोगियों के किए गए मोतियाबिंद ऑपरेशन फेल होने के बाद तीन दिनों से निरंतर जांच का सिलसिला जारी है। रविवार को जांच अधिकारियों ने गहनता से जांच-पड़ताल करते हुए सैम्पल लिए है। इन सैम्पलों को भोपाल लैब भेजा जाएगा, जिसकी रिपोर्ट के बाद घटना के असल कारणों का पता चल पाएगा।

पूरी व्यवस्था– रविवार सुबह भोपाल से आए राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. हेमंत सिन्हा ने करीब ढाई घंटे तक नेत्र वॉर्ड की ओटी में गहनता से जांच की। इस दौरान उन्होंने नेत्र विभाग में भर्ती मरीजों से लेकर ऑपरेशन होने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच-पड़ताल की। साथ ही उपयोग आने वाले उपकरण व दवाईयों के सैप्पल लिए। इस दौरान मामले में निलंबित नेत्र चिकित्सक डॉ. पलोड़, सीएमएचओ डॉ रजनी डावर व ओटी स्टाफ मौजूद था।